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पंचम दा के सामने थरथराती आवाज में दिया ऑडिशन, अनिल-संजय की बने ‘सिग्नेचर वॉइस’, पिता को पछाड़ जीता था अवॉर्ड

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Published On: July 3, 2026

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महान गायक किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार को संगीत विरासत में मिला. उन्होंने आरडी बर्मन के सामने अपना पहला गाना गाया था. वे 80 के दशक में अनिल कपूर और संजय दत्त जैसे युवा सितारों की आवाज बने. उन्होंने फिल्म ‘लव स्टोरी’ के गाने ‘याद आ रही है’ के लिए अपने पिता को पछाड़कर फिल्मफेयर अवार्ड जीता था. मगर उन्होंने पिता किशोर कुमार और गॉडफादर आरडी बर्मन के निधन के बाद प्लेबैक सिंगिंग छोड़ दी.

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अमित कुमार ने पिता और गुरु के निधन के बाद प्लेबैक सिंगिंग छोड़ दी थी.

नई दिल्ली: साल 1975 की बात है, जब बॉम्बे के एक छोटे से म्यूजिक रूम में 23 साल का लड़का बुरी तरह घबराया हुआ खड़ा था. उसके ठीक सामने संगीत के जादूगर आरडी बर्मन (पंचम दा) बैठे थे और उनके बगल में मन्ना डे, किशोर कुमार जैसे दिग्गज मौजूद थे. पंचम दा के कहने पर उस लड़के ने बेहद संकोच और थरथराती आवाज में एक गाना सुनाया. वह लड़का कोई और नहीं, बल्कि किशोर कुमार के बड़े बेटे अमित कुमार थे. लीजेंड किशोर कुमार की तरह उनके बेटे अमित कुमार बेहतरीन गायक थे.

अमित कुमार ने ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ जैसे कई ब्लॉकबस्टर गाने गाए थे. आज उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सुनाते हैं. वे 3 जुलाई 1952 को कोलकाता में जन्मे थे. उन्हें संगीत और कला विरासत में मिली थी. उनकी मां रूमा गुहा ठाकुरता एक बंगाली अभिनेत्री थीं. अमित कुमार का शुरुआती बचपन कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में गाते हुए बीता, जहां महान बंगाली एक्टर उत्तम कुमार ने उनकी तारीफ की थी. जब मां ने शिकायत की कि लड़का सिर्फ फिल्मी गाने गाता है, तो पिता किशोर कुमार उन्हें अपने साथ बॉम्बे ले आए, जहां से उनकी किस्मत का नया सफर शुरू हुआ.

अमित कुमार का बचपन दिग्गजों के बीच बीता था.

जब किशोर दा को बेटे पर हुआ गर्व
अमित कुमार ने बॉम्बे आने के बाद अपनी काबिलियत के दम पर पहचान बनानी शुरू की. साल 1981 में आई फिल्म ‘लव स्टोरी’ के गाने ‘याद आ रही है’ ने उन्हें रातों-रात बड़ा स्टार बना दिया. इस कामयाबी का सबसे यादगार और ऐतिहासिक पल साल 1982 के फिल्मफेयर अवार्ड्स में देखने को मिला, जब बेस्ट प्लेबैक सिंगर की कैटेगरी में पिता किशोर कुमार और बेटे अमित कुमार आमने-सामने थे. कड़े मुकाबले के बाद विजेता अमित कुमार चुने गए और यह देखकर किशोर कुमार का सीना गर्व से चौड़ा हो गया. उन्होंने मुस्कुराते हुए अपने बेटे को गले लगा लिया. इसके बाद, वे अनिल कपूर, कुमार गौरव और संजय दत्त जैसे युवा हीरो की सिग्नेचर आवाज बन गए. उन्होंने ‘बड़े अच्छे लगते हैं’, ‘रोज रोज आंखों तले’, ‘तिरछी टोपीवाले’ और ‘टिप टिप बारिश’ जैसे ब्लॉकबस्टर गाने गाए जो आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं.

पिता की अधूरी फिल्म को किया पूरा
अमित कुमार की जिंदगी में एक बड़ा झटका तब आया, जब 13 अक्टूबर 1987 को उनके पिता किशोर कुमार का अचानक निधन हो गया. उन्होंने दुख की घड़ी में खुद को संभाला और अपने पिता की अधूरी फिल्म ‘ममता की छांव में’ के निर्देशन की कमान संभालकर उसे पूरा किया. इसके कुछ समय बाद 4 जनवरी 1994 को उनके गॉडफादर आरडी बर्मन भी इस दुनिया से चले गए, जिससे अमित कुमार बेहद अकेले पड़ गए. उन्होंने इन बड़े झटकों के बाद बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बना ली. उन्होंने फिल्मों से दूर होने के बाद ‘कुमार ब्रदर्स म्यूजिक’ नाम की एक म्यूजिक कंपनी शुरू की. आज अमित कुमार बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर इंडिपेंडेंट म्यूजिक बनाने में व्यस्त हैं. वे दुनिया भर में शानदार लाइव कॉन्सर्ट्स करने में बिजी हैं. उन्होंने अपने पिता की विरासत को जिंदा बनाए रखा है.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

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