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सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ की रिलीज के 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल ने शूटिंग के दिनों का किस्सा शेयर किया. अमीषा ने बताया कि फिल्म पहले दिन ही इंटरवल के बाद वाले एक हाई-वोल्टेज इमोशनल सीन में उन्हें अमरीश पुरी के साथ शूट करना था. उस वक्त इंडस्ट्री में वह बिल्कुल नई थीं और इतने बड़े स्टार के सामने डर के मारे थर-थर कांप रही थीं. हालांकि, अमरीश पुरी ने उन्हें फिल्म के सेट पर तुरंत सहज महसूस करवाया था.
ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर’ की रिलीज को हुए 25 साल.
नई दिल्ली. सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ ने हाल ही में अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं. इस खास मौके पर फिल्म की अमीषा पटेल ने शूटिंग के पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि फिल्म के एक इमोशनल सीन की शूटिंग के दौरान वह कितनी ज्यादा डरी हुई थीं. दरअसल, वो सीन उन्हें अमरीश पुरी के साथ शूट करना था और उनके सामने परफॉर्म करने को लेकर वह बहुत नर्वस थीं.
इंडिया टुडे के साथ बातचीत में अमीषा पटेल ने बताया, ‘सच कहूं तो मैं अमरीश जी को बहुत ज्यादा मिस करती हूं. शूटिंग के वक्त जो डर मुझे लग रहा था, वो उनकी वजह से बिल्कुल नहीं था, वह तो असल जिंदगी में एक बेहद प्यारे इंसान थे. उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का था और वह काफी मजाकिया थे. मोगेम्बो और अशरफ अली जैसे उनके खतरनाक ऑनस्क्रीन किरदारों को देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता कि वह असल में कितने जिंदादिल इंसान थे.’
अमरीश पुरी के साथ शूट हुआ था पहला सीन
डर के मारे कांपने लगी थीं अमीषा पटेल
उस सीन की शूटिंग के वक्त अपनी घबराहट को याद करते हुए अमीषा ने कहा, ‘वो टकराव वाला सीन गदर के लिए मेरा पहला ही सीन था, वो भी अमरीश जी के सामने. डर के मारे मेरी तो हालत ही खराब थी, मैं सचमुच कांप रही थी. लेकिन उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा. उन्होंने मेरे लिए सब कुछ इतना आसान बना दिया कि मुझे कभी लगा ही नहीं कि वह इतने बड़े कलाकार हैं और मैं महज एक नौसिखिया लड़की हूं. उस वक्त तक तो मेरी पहली फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ भी रिलीज नहीं हुई थी, उसकी शूटिंग चल ही रही थी और कोई मुझे जानता तक नहीं था.’
क्या है ‘गदर’ फिल्म की कहानी?
‘गदर’ की कहानी साल 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान बंटवारे के उस दर्दनाक दौर पर आधारित है, जिसने लाखों जिंदगियां बदल दीं. फिल्म में दिखाया गया कि तारा सिंह एक सिख ट्रक ड्राइवर है जो रसूखदार मुस्लिम परिवार की बेटी सकीना को बंटवारे के दंगों के बीच अपनी जान पर खेलकर बचाता है. इसके बाद बाद दोनों भारत में अपनी एक नई और खूबसूरत दुनिया बसा लेते हैं. लेकिन उनकी यह खुशियां ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पातीं, जब सकीना का परिवार उसे जबरन पाकिस्तान ले जाता है. इसके बाद तारा सिंह अपनी पत्नी और बेटे को वापस लाने के लिए सरहद पार जाता है और पाकिस्तान में तहलका मचा देता है.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें












