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Love & War movie Controversy: ‘लव एंड वार’ के सेट पर हुई थी 1 क्रू मेंबर की मौत, FWICE ने SLB से मांगे ₹50 लाख, बच्चे की पढ़ाई का पूरा खर्च

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Published On: June 29, 2026

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मुंबई के रॉयल पंप स्टूडियो में फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की शूटिंग चल रही थी. इसी दौरान सेट पर करंट लगने से टेक्नीशियन चंद्रधारी सिंह यादव की मौत हो गई. इस हादसे के बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (FWICE) ने भी संजय लीला भंसाली और उनके प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, एक करोड़ रुपए मुआवजा देने, मृतक की पत्नी को नौकरी देने और फिल्म सेटों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है.

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संजय लीला भंसाली की फिल्म के सेट 17 जून को आग लगी थी.

मुंबई. संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. फिल्म की शूटिंग के दौरान करंट लगने से एक टेक्नीशियन की मौत ने पूरे फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी. अब इस मामले में फिल्म वर्कर्स की सबसे बड़ी संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) भी खुलकर सामने आ गई है. संस्था के प्रमुख बीएन तिवारी ने इस घटना पर आईएएनएस संग बातचीत में कहा है कि अब समय आ गया है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटे और सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त फैसले लिए जाएं.

एफडब्ल्यूआईसीई के प्रमुख बीएन तिवारी ने कहा, ”हादसे के बाद संजय लीला भंसाली की ओर से टेक्नीशियन चंद्रधारी सिंह यादव के परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई है. यह राशि बड़ी है, लेकिन परिवार की पूरी जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है. 42 साल के चंद्रधारी सिंह यादव अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है. ऐसे में एफडब्ल्यूआईसीई ने भंसाली से अपील की है कि मुआवजे की राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपए की जाए और बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठाया जाए.”

बीएन तिवारी ने बताया कि इस मांग पर अभी तक भंसाली की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. अगर किसी वजह से उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो यशराज प्रोडक्शंस पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आने को तैयार है. चंद्रधारी सिंह यादव पहले यशराज प्रोडक्शंस के साथ भी काम कर चुके थे, इसलिए वहां से भी परिवार की सहायता करने की इच्छा जताई गई है. इस मुश्किल समय में पूरा फिल्म उद्योग एक कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए.

फिल्म इंडस्ट्री वर्क कल्चर को लेकर उठाए सवाल

बीएन तिवारी ने फिल्म इंडस्ट्री की कार्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ”हमारी लड़ाई किसी एक निर्माता के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम को सुधारने के लिए है. ज्यादातर फिल्म सेटों पर कर्मचारियों से तय समय से कहीं ज्यादा काम कराया जाता है. नियम के अनुसार, आठ घंटे की ड्यूटी के बाद चार घंटे अतिरिक्त काम कराया जा सकता है और उसके लिए अलग से भुगतान होना चाहिए, लेकिन हकीकत में कई जगह कर्मचारियों से 16-16 घंटे तक लगातार काम लिया जाता है. कई बार उन्हें तय नियमों के अनुसार अतिरिक्त भुगतान भी नहीं मिलता. किसी भी कर्मचारी के साथ गुलाम जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए.”

फिल्म के सेट पर हेल्थ और सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम होने के निर्देश

एफडब्ल्यूआईसीई प्रमुख ने बताया कि हमारी संस्था ने प्रोड्यूसर्स की संस्था के साथ भी बैठक की है. इस बैठक में फिल्म सेटों पर स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की मांग रखी गई है. हमारा मकसद शूटिंग रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने के लिए मजबूर न हो. हर इंसान की शारीरिक क्षमता की एक सीमा होती है और उसी के अनुसार काम लिया जाना चाहिए.

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रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें

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