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फीफा विश्व कप 2026 में नॉर्वे की टीम कमाल कर रही है. राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे ने ब्राजील को हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की. इसके साथ ही नॉर्वे की टीम का अनोखा सेलिब्रेशन भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दुनिया भर के फुटबॉल फैंस नॉर्वे के सेलिब्रेशन के दीवाने हो गए हैं.
नॉर्वे की टीम का सेलिब्रेशन हुआ वायरल
नई दिल्ली: ब्राजील जैसे दिग्गज को हराने के बाद स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड स्टेडियम के बीचोंबीच ड्रम पीटते नजर आये और लाल जर्सी में बैठे नॉर्वे के प्रशंसकों ने अनूठे ‘वाइकिंग रो’ अंदाज में जश्न मनाया तो दुनिया भर के फुटबॉलप्रेमियों के रोंगटे खड़े हो गए. पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे टीम के प्रशंसकों का जश्न मनाने का यह अंदाज अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है. नॉर्वे के असाधारण प्रदर्शन, हालैंड के मैच दर मैच बढते गोल और प्रशंसकों की एकजुटता का परिचायक बन गया है ‘वाइकिंग रो’.
सोशल मीडिया इसकी रील्स और फोटो से भरा हुआ है और बोस्टन से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक और नॉर्वे की संसद से लेकर दिल्ली में इंडिया गेट तक ‘वाइकिंग रो’ की झलक देखने को मिल रही है. इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘वाइकिंग लॉन्गबोट’ (समुद्री नाव) में बैठे हों. फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है. शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है.
ड्रम के बीट पर जश्न मनाते हैं फैंस
ड्रम की बीट के साथ हजारों प्रशंसक एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं. मैदान में जब हजारों लोग लाल रंग की नॉर्वे की जर्सी पहनकर एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम जोश से भर जाता है. अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड में ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले मीलों दूर दिल्ली में इंडिया गेट पर भी नॉर्वे के प्रशंसक ‘ वाइकिंग रो’ करते नजर आये. इस वीडियो को भारत में नॉर्वे के दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा करते कैप्शन दिया ,‘‘ नॉर्वे फुटबॉल का जोश भारत में. इंडिया गेट पर वाइकिंग रो.’’
साल 2025 में शुरू हुआ ये सेलिब्रेशन
फीफा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी शुरूआत दिसंबर 2025 में हुई जब ओले फ्रोयस्टाड (अब मिस्टर रो रो के नाम से मशहूर) ने समुद्री नाव चलाने से प्रेरित यह नारा दिया. उन्होंने फीफा से कहा ,‘‘ लोगों को इस तरह साथ में नाव चलाने का एक्शन करते देखना मजेदार है. मैने सोचा भी नहीं था कि वाइकिंग रो इतना मशहूर हो जायेगा.’’
नॉर्वे के प्रशंसकों के आधिकारिक समूह ने इसे बड़े पैमाने पर लोकप्रिय कर दिया. इस समूह के सदस्य टोरस्टेन हामरान ने कहा ,‘‘ इसकी शुरूआत ओले ने की और हमने इसे अपने अंदाज में अपनाया. कुछ लोगों को यह पसंद आया और कुछ को यह मूर्खतापूर्ण भी लगा.’’ मार्च के अंत में ओस्लो में स्विटजरलैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के दौरान यह पहली बार स्टेडियम में देखने को मिला.तब लोगों को हालांकि इतना समझ में नहीं आया.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें











