वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप को अचानक ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई प्यारे लगने लगे हैं और नेतन्याहू में ‘पागल आदमी’ दिखाई देने लगे हैं. नेतन्याहू के साथ ट्रंप की लड़ाई पहले ही सामने आ चुकी थी लेकिन हाल ही में उनके मुंह से मोजतबा के लिए जो शहद टपक रहा है, उसे सुनकर दुनिया हैरान रह गई है. ट्रंप अब मोजतबा खामेनेई से एक मुलाकात के लिए बेचैन नजर आ रहे हैं. ईरान के लिए मीठी-मीठी बातें बोलते हुए उन्होंने एक बार फिर से इजरायल को भला-बुरा सुना दिया है.
नेतन्याहू पर भड़के ट्रंप, कहा- ‘तुम पूरी तरह पागल हो चुके हो!’
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने पक्के दोस्त और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर उल्टा-सीधा सुनाया था, उन्होंने कह दिया था कि, ‘तुम पूरी तरह पागल हो चुके हो!’. आज जब ट्रंप से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिर से चिढ़ते हुए लहजे में इसे कबूल किया. ट्रंप ने कहा, ‘हां, मैंने ऐसा कहा था. मैं नेतन्याहू से बेहद नाराज और परेशान था, क्योंकि वो लगातार लेबनान के साथ जंग लड़ रहे हैं. एक समय पर आकर मैंने साफ कह दिया कि अब हमें इस तबाही को रोकना होगा’.
‘अयातुल्ला से मिलने में मुझे गर्व होगा’, ट्रंप के बदले सुर!
कल तक ईरान को तबाह करने की धमकी देने वाले ट्रंप के सुर अब पूरी तरह बदल चुके हैं. ट्रंप ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा, ‘मैं बहुत जल्द ईरान के अयातुल्ला यानी मोजतबा खामेनेई से मुलाकात कर सकता हूं. मुझे अभी तक उनसे मिलने का सौभाग्य नहीं मिला है लेकिन मैं उनसे मिलना चाहता हूं. इस समय अयातुल्ला के साथ हमारे रिश्ते काफी अच्छे चल रहे हैं’.
ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने ईरान की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान इस बात पर राजी हो गया है कि वो कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप के इस यू-टर्न ने इजरायल के होश उड़ा दिए हैं, क्योंकि इजरायल सालों से ईरान को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता आया है.
‘मेरे बिना तो इजरायल का वजूद ही खत्म हो जाता’
जैसे ही बात इजरायल की आई तो ट्रंप की टोन बदल गई. उन्होंने घमंड भरे लहजे में कहा, ‘अगर मैं नहीं होता तो आज दुनिया के नक्शे पर इजरायल का कोई वजूद ही नहीं बचता. ईरान के खिलाफ जो भी मोर्चा खुला है, उसकी शुरुआत करने वाला मैं ही हूं. मैं किसी को बोर नहीं करना चाहता, लेकिन ये सच है कि मैंने ही सबकुछ शुरू किया था क्योंकि हम ईरान को न्यूक्लियर पावर बनते नहीं देख सकते’.
मोजतबा खामेनेई से यारी और नेतन्याहू से बैर, क्या है असली खेल?
इंटरनेशनल पॉलिटिक्स के एक्सपर्ट्स ट्रंप के इस बदले रूप को देखकर हैरान हैं. सवाल उठ रहे है कि क्या ट्रंप बहक गए हैं या फिर इसके पीछे कोई बहुत बड़ा ग्लोबल गेम प्लान चल रहा है? दरअसल, ट्रंप अब ईरान जंग के डैमेज से उबरना चाहते हैं और मीडिल ईस्ट के मैदान से किसी तरह भागने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिका अपनी शर्ते मनवाना चाहता है लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा है. अटैक तो पहले से ही चल रहे हैं, ऐसे में अब ट्रंप को दोस्ती के अलावा कोई रास्ता नहीं दिख रहा है.
ट्रंप का मोजतबा के प्रति ये झुकाव और नेतन्याहू से बढ़ती दूरी साफ इशारा करती है कि अमेरिका अब मिडिल ईस्ट में जंग को खत्म करके ईरान के साथ एक बड़ी डील करने की फिराक में है. अगर ऐसा होता है तो नेतन्याहू के लिए ये इतिहास का सबसे बड़ा झटका होगा और दुनिया के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे!












