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Diljit Dosanjh Satluj : 48 घंटे में OTT से क्यों गायब हुई ‘सतलुज’? सामने आई बड़ी वजह, परिवार का छलका दर्द

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Published On: July 7, 2026

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Diljit Dosanjh Satluj Controversy: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों खबरों में है. फिल्म सेंसर बोर्ड से पारित न होने की वजह से थिएटर्स में रिलीज नहीं हो पाई. आखिरकार इसे जी5 पर रिलीज किया गया, लेकिन 2 दिन के अंदर फिल्म को डिलीट कर दिया गया. ‘सतलुज’ डिलीट होने की वजह सामने आई है.

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दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ को जी5 से डिलीट कर दिया गया है.

नई दिल्ली. दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों खबरों में छाई हुई है. सोशल मीडिया पर हर तरफ फिल्म के ही चर्चे हो रहे हैं. दिलजीत की फिल्म जी5 पर रिलीज हुई लेकिन महज 48 घंटों के अंदर इसको ओटीटी से हटा दिया गया. फिल्म को जी5 से डिलीट किया गया जिसके बाद से सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चा और भी तेज हो गई कि आखिर फिल्म को क्यों हटाया गया.

‘सतलुज’ पहले ‘पंजाब 95’ के नाम से रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से पारित न होने की वजह से फिल्म को नाम बदलकर ओटीटी पर रिलीज किया गया. आखिरकार ओटीटी से भी फिल्म हटा दी गई. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने सुरक्षा कारणों की वजह से फिल्म को डिलीट करने का निर्देश दिया था.

क्या है ‘सतलुज’ की कहानी?

पीड़ित परिवारों का छलका दर्द

‘सतलुज’ पर बैन ने एक बार फिर पीड़ितों की दुखती नस पर हाथ रख दिया. उनकी वो खौफनाक यादें दोबारा ताजा कर दीं. टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों के परिवार ने पोर्टल के साथ बात करते हुए अपना दुख जाहिर किया. वो कहते हैं कि फिल्म में पंजाब का काला अध्याय दिखाया गया है जिसे छिपाना नहीं चाहिए. परिवारों का कहना है कि उन लोगों ने जो खोया है न उसकी कभी भरपाई हो सकती है और न ही उनको कभी इंसाफ मिल सकता है.

सेंसर बोर्ड से पारित नहीं हो पाई थी फिल्म

बता दें, हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘पंजाब 95’ को सेंसर बोर्ड से मंजूरी नहीं मिली थी. 3 साल से मेकर्स फिल्म को पारित कराने का प्रयास कर रहे थे. सीबीएफसी ने फिल्म में कुल 120 कट्स सुझाए थे, लेकिन मेकर्स बिना कट्स के ओरिजिनल फिल्म रिलीज करने पर अड़े थे. 3 साल के लंबे इंतजार के बाद मेकर्स ने फिल्म को ओटीटी पर रिलीज करने का फैसला किया, लेकिन अब ओटीटी से फिल्म गायब हो गई.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें

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