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ईरान के साथ लंबे खिंच रहे युद्ध के बीच अमेरिकी संसद (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वॉर पावर्स को काटने की प्रॉसेस शुरू कर दी है. इसके बारे में ट्रंप को जैसे ही पता चला वो भड़क गए. ट्रंप ने संसद के इस प्रस्ताव के खिलाफ ट्रूथ सोशल पर उल्टी-सीधी बातें लिख डाली हैं. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के लोगों को भी नहीं छोड़ा है, जो अब बागी हो चुके हैं.
अमेरिकी संसद में ट्रंप की वॉर पावर्स घटाने का प्रस्ताव
वॉशिंगटन: ईरान में भले ही ट्रंप ने तबाही मचा दी है लेकिन लगभग 100 दिनों बाद भी अमेरिका जंग नहीं जीत पाया है. उपर से ट्रंप के झूठे वादे…अब अमेरिका के लोग तंग आ चुके हैं. हाल ही में अमेरिकी संसद ने ट्रंप के पर काटने का फैसला किया है और इसकी प्रॉसेस भी शुरू कर दी. इसके बारे में पता चलते ही ट्रंप आपे से बाहर हो गए हैं. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर भड़ास निकाली है और संसद के इस फैसले को ‘देश द्रोह’ तक कह डाला है. ट्रंप ने विपक्ष और अपनी ही पार्टी के बागियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है.
ट्रंप के साथ हुआ क्या?
अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ ने एक बड़ा फैसला लेते हुए वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वॉर पावर्स यानी युद्ध शक्तियों को कम करने का प्रस्ताव पास कर दिया है, जिस पर वोटिंग हो चुकी है. इस झटके से राष्ट्रपति ट्रंप लाल-पीले हो गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर आकर जमकर भड़ास निकाली है. ट्रंप ने विपक्ष और अपनी ही पार्टी के 4 बागियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है और उन पर देशद्रोह तक का आरोप लगा दिया है.
ट्रंप ने लिखा, ‘कल, एक बेमतलब के मतदान में, सदन ने चार भ्रष्ट रिपब्लिकन और सभी डेमोक्रेट्स के समर्थन से, मेरी युद्ध शक्तियों को काटने करने के लिए मतदान किया. वो भी ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही मेरी अंतिम वार्ता के ठीक बीच में, ऐसा देशद्रोह वाला काम कौन करता है?’
ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को हमेशा के लिए खत्म करने और दुनिया के सबसे जरूरी तेल मार्ग को फिर से पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए उनकी फाइनल बातचीत चल रही थी. ठीक इसी नाजुक मोड़ पर संसद ने ये कदम उठाकर अमेरिकी कूटनीति को भारी नुकसान पहुंचाया है.
अपनी ही पार्टी के 4 सांसदों को लताड़ा
राष्ट्रपति ट्रंप ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर करारा हमला बोलते हुए उन पर एक नया और विवादित आरोप मढ़ दिया. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, ‘डेमोक्रेट्स Trump Derangement Syndrome से ग्रस्त हैं. वो मुझे कई जीत दिलाने के बजाय हमारे देश को असफल होते देखना ज्यादा पसंद करेंगे’.
इस पूरे सियासी ड्रामे में राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सबसे बड़ा झटका ये रहा कि उनकी खुद की रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों ने ऐन वक्त पर पाला बदल लिया और विपक्ष का साथ दे दिया. इन बागी रिपब्लिकन सांसदों के इस कदम से ट्रंप बेहद गुस्से में नजर आए. इन्हें लताड़ते हुए ट्रंप ने लिखा ‘वे चार रिपब्लिकन, उनकी कहानी तो बिलकुल अलग है. वे केवल दिखावा करने वाले हैं. उन्हें बहुत अच्छे से पता है कि ईरान के साथ हमारी वार्ता किस बेहद संवेदनशील स्थिति में है. देश के साथ ऐसा मजाक करने के लिए उन चारों को खुद पर शर्म आनी चाहिए’.
कौन हैं ट्रंप के वो 4 विभीषण?
ट्रंप की पीठ में छुरा घोंपने वाले उन चार रिपब्लिकन सांसदों के नाम सामने आ चुके हैं.
- थॉमस मैसी: केंटकी (Kentucky) से रिपब्लिकन सांसद
- टॉम बैरेट: मिशिगन (Michigan) से रिपब्लिकन सांसद
- ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक: पेंसिल्वेनिया (Pennsylvania) से रिपब्लिकन सांसद
- वॉरेन डेविडसन: ओहायो (Ohio) से रिपब्लिकन सांसद
ट्रंप के पास थे सिर्फ 60 दिन
दरअसल, अमेरिका में 1973 के ‘वॉर पावर्स एक्ट’ के तहत किसी भी वर्तमान राष्ट्रपति को बिना संसद की मंजूरी के एक तय समय सीमा यानी 60 दिन से ज्यादा सैन्य अभियान चलाने की इजाजत नहीं होती. ईरान के साथ जारी यह जंग अब इस समय सीमा को पार कर चुकी थी, जिसके कारण कानून का हवाला देकर विपक्ष के साथ-साथ ट्रंप की ही पार्टी के कुछ सांसदों ने उनकी घेराबंदी कर दी.
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Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें












