
सोनभद्र/ओबरा।ऊर्जा निगम परिवार, उ.प्र.रा. वि.उ.नि.लि. के समस्त परियोजना एवं समस्त कर्मचारी संगठनों में गहरा शोक व्याप्त है।वाराणसी जनपद के टिकरी निवासी श्री राधे गोविन्द सिंह जनवरी 2024 में अनपरा परियोजना से सहायक अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने ओबरा एवं अनपरा परियोजनाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए कर्मचारी हितों की आवाज़ को मजबूती से उठाया और संगठनात्मक एकता को नई दिशा प्रदान की। वे केवल एक पदाधिकारी नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहने वाले निर्भीक,कर्मठ एवं जुझारू नेता थे।राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन में उन्होंने उत्पादन निगम प्रांतीय अध्यक्ष, केंद्रीय उप महासचिव, शाखा अध्यक्ष सहित अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, कर्मचारियों के प्रति आत्मीयता तथा संघर्ष के प्रति उनका समर्पण उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देता था। हर आंदोलन, हर संघर्ष और हर कर्मचारी की समस्या में वे सबसे आगे खड़े दिखाई देते थे।वे युवा अभियंताओं एवं कर्मचारियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहे। उनका मानना था कि संगठन केवल अधिकारों की लड़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बीच एकता, विश्वास और सम्मान का प्रतीक होना चाहिए। अपने सरल स्वभाव, स्पष्टवादिता एवं सहज व्यवहार के कारण वे सभी वर्गों में अत्यंत लोकप्रिय थे।दिनांक 16 मई को चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग में हृदयाघात से उनका दुखद निधन हो गया। यह समाचार मिलते ही उनके परिवार, परियोजना कर्मियों, सहयोगियों एवं संगठन के सदस्यों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। उनके निधन से कर्मचारी समाज ने एक ऐसे मार्गदर्शक एवं संघर्षशील व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।श्री राधे गोविन्द सिंह ने अपने व्यवहार, नेतृत्व क्षमता एवं कर्मचारी हितों के प्रति समर्पण से जो अमिट छाप छोड़ी है, वह सदैव स्मरणीय रहेगी। उनका संपूर्ण जीवन कर्मचारियों के अधिकार, संगठन की मजबूती और साथी कर्मियों के सम्मान के लिए समर्पित रहा।संगठन के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।








