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33 की उम्र में हैट्रिक नाम करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड… 5 उम्रदराज फुटबॉलर, जिन्होंने फीफा वर्ल्ड कप में किया ये कारनामा

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Published On: June 27, 2026

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FIFA World Cup Records: फीफा वर्ल्ड कप के आगामी सीजन का आगाज 11 जून से हो रहा है. क्या आप जानते हैं इस टूर्नामेंट में हैट्रिक लेने वाले 5 सबसे उम्रदराज क्रिकेटर्स के बारे में? 33 साल के एक स्टार खिलाड़ी के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड है.

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रोनाल्डो के नाम सबसे ज्यादा उम्र में वर्ल्ड कप हैट्रिक गोल का रिकॉर्ड.

नई दिल्ली. फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ ‘फीफा वर्ल्ड कप’ में गोल करना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन एक ही मैच में तीन गोल यानी ‘हैट्रिक’ दागना अपने आप में खास है. जब मैदान पर युवा खिलाड़ियों की रफ्तार और एनर्जी का बोलबाला हो, तो वहां बढ़ती उम्र के साथ खुद को साबित करना किसी चुनौती से कम नहीं होता. 30 की उम्र पार करने के बाद फुटबॉलर्स के लिए खुद को फिट रखना एक चैलेंज होता है, लेकिन इतिहास में कुछ ऐसे ‘ओल्ड इज गोल्ड’ खिलाड़ी भी रहे हैं, जिन्होंने उम्र को महज एक नंबर साबित कर दिया. आइए आपको बताते हैं दुनिया के उन 5 सबसे उम्रदराज फुटबॉलर्स के बारे, जिन्होंने फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर हैट्रिक लगाकर फुटबॉल इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया.

क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल)
दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो फीफा वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉलर हैं. साल 2018 के वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच में उन्होंने 33 साल और 130 दिन की उम्र में ये कारनामा किया था. रोनाल्डो ने मैच के चौथे मिनट में ही पेनल्टी को गोल में बदलकर खाता खोला. फिर 44वें मिनट में स्पेन के स्टार गोलकीपर डेविड डी गेया को छकाते हुए दूसरा गोल दागा और पुर्तगाल को 2-1 से आगे कर दिया. इसके बाद स्पेन ने जोरदार वापसी की और स्कोर 3-2 कर दिया. जब लग रहा था कि पुर्तगाल मैच हार जाएगा, तब 88वें मिनट में रोनाल्डो ने 25 गज की दूरी से एक अविश्वसनीय फ्री-किक दागकर मैच को 3-3 की बराबरी पर ला खड़ा किया और अपनी ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी की.

रॉब रेनसेनब्रिंक (नीदरलैंड)
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर नीदरलैंड के दिग्गज रॉब रेनसेनब्रिंक हैं, जिन्होंने 30 साल 335 दिन की उम्र में अपनी क्लास दिखाई. फीफा वर्ल्ड कप 1978 के ग्रुप स्टेज में ईरान के खिलाफ रेनसेनब्रिंक ने ऐसा किया. रेनसेनब्रिंक के इस मुकाबले में ‘वन-मैन शो’ की बदौलत नीदरलैंड ने ईरान को 3-0 से करारी शिकस्त दी थी. उन्होंने मैच के 40वें मिनट में पेनल्टी के जरिए पहला गोल किया. इसके बाद 62वें मिनट में उन्होंने टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया. मैच के 79वें मिनट में उन्हें एक और पेनल्टी मिली, जिसे गोल में तब्दील कर उन्होंने अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की.

गैब्रियल बतिस्तुता (अर्जेंटीना)
फीफा वर्ल्ड कप 1998 के ग्रुप स्टेज मैच में जमैका के खिलाफ खेले गए एक मुकाबले में अर्जेंटीना के इस स्टार फॉरवर्ड ने मैदान पर विरोधी टीम के डिफेंस की धज्जियां उड़ा दी थीं. उस समय उनकी उम्र 29 साल 140 दिन थी. इस मैच में अर्जेंटीना ने 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की थी. मैच के शुरुआती दो गोल एरियल ओर्टेगा ने (32वें और 55वें मिनट में) दागे थे. इसके बाद मैदान पर बतिस्तुता का तूफान आया. उन्होंने महज 10 मिनट के भीतर यानी 73वें, 78वें और 83वें मिनट में बैक-टू-बैक तीन गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की और जमैका को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया.

पेड्रो सीया (उरुग्वे)
उरुग्वे के पेड्रो सीया ने करीब एक सदी पहले इतिहास के पहले विश्व कप में अपनी अंपायरिंग और खेल का लोहा मनवाया था. फीफा वर्ल्ड कप 1930 के हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मैच में यूगोस्लाविया के खिलाफ 29 साल 329 दिन की उम्र में पेड्रो ने हैट्रिक लेकर तहलका मचाया. इस नॉकआउट मुकाबले को उरुग्वे ने 6-1 के भारी अंतर से जीता था. मैच में यूगोस्लाविया ने शुरुआती बढ़त बना ली थी, लेकिन 19वें मिनट में पेड्रो ने गोल करके टीम को 1-1 की बराबरी पर लाया. इसके बाद उन्होंने हार न मानते हुए 66वें और 72वें मिनट में दो और शानदार गोल दागकर न सिर्फ अपनी हैट्रिक पूरी की, बल्कि अपनी टीम का फाइनल का टिकट भी पक्का कर दिया.

टिओफिलो कुबिल्यास (पेरू)
29 साल 95 दिन की उम्र में हैट्रिक लेकर पेरू के महानतम फुटबॉलरों में गिने जाने वाले टिओफिलो कुबिल्यास भी इस खास एलीट लिस्ट का हिस्सा हैं. फीफा वर्ल्ड कप 1978 के ग्रुप स्टेज मैच में ईरान के खिलाफ ऐसा किया. कुबिल्यास के दम पर पेरू ने यह मुकाबला 4-1 से अपने नाम किया था. उन्होंने मैच के 36वें और 39वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी को गोल में बदलकर पेरू को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी. हालांकि, 41वें मिनट में ईरान के हसन रौशन ने एक गोल दागकर वापसी की कोशिश की, लेकिन 79वें मिनट में कुबिल्यास ने अपना तीसरा गोल दागकर ईरान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और अपनी हैट्रिक पूरी की.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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