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बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिनका भारी विरोध हुआ. फिल्म रिलीज हुई , तो ब्लॉकबस्टर भी हुई. हालांकि, कुछ फ्लॉप भी हुई. पिछले साल रिलीज हुई कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में विरोध हुआ. कांग्रेस ने कई सीन-डायलॉग्स पर आपत्ति जताई. लेकिन हम आपको 26 साल पुरानी फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं.
हिस्टोरिक और ज्वलंत मुद्दों पर बनी फिल्मों को अक्सर विरोध का सामना करना पड़ता है. कई बार यह मेकर्स के लिए फायदेमंद रहा है, तो कई बार मेकर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. कंगना रनौत को ‘इमरजेंसी’ का विरोध होने की वजह से काफी नुकसान हुआ. कई सिनेमाघरों में फिल्म को हटाना पड़ा था. लेकिन 2010 की एक फिल्म के बारे में बता रहे हैं, जिसने विरोध के बावजूद उस दौर में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा कलेक्शन किया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

इस फिल्म का नाम ‘माय नेम इज खान’ है. शाहरुख खान और काजोल ने फिल्म में लीड रोल निभाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 223 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया. फिल्म ने भारत में 114 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

‘माय नेम इज खान’ ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 108 करोड़ रुपए से ज्यादा कलेक्शन किया. फिल्म में शाहरुख ने एक मुस्लिम शख्स रिजवान खान का किरदार निभाया, जबकि काजोल ने हिंदू महिला मंदिरा राठौड़ खान का किरदार निभाया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
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यह वो दौर था, जब पूरी दुनिया में मुसलमानों को लेकर अलग नेरेटिव सेट हो रहे थे. मुंबई में 26/11 टेरर अटैक और अजमल कसाब पर सुनवाई को लेकर मामले चल रहे थे. ऐसे में फिल्म में शाहरुख का रोल और मुसलमानों को की एक अच्छी इमेज दिखाना शिव सेना को अखर गया. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

इतना ही नहीं, फिल्म की रिलीज के दौरान ही शाहरुख खान ने आईपीएल में पाकिस्तानी क्रिकेटरों को शामिल करने की वकालत की थी. उन्होंने बीसीसीआई के उस फैसले की आलोचना की थी, जिसमें पाकिस्तानी किक्रेटर्स को आईपीएल में शामिल नहीं करने का आदेश दिया था. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

इससे, शाहरुख खान को शिवसेना और मनसे का काफी विरोध झेलना पड़ा था. शिव सेना ने शाहरुख खान को एंटी नेशनल कहा. फिल्म की रिलीज पर बैन की मांग की. इतना ही नहीं मुंबई समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

वैराइटी के मुताबिक, शिवसेना के नेताओ-कार्यकर्ताओं ने पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन किए, पुतले फूंके और फिल्म के पोस्टर्स फाड़े. पोस्टर में मौजूद शाहरुख पर काली स्याही फेंकी. थिएटर मालिकों को फिल्म दिखाने से मना किया. इतना ही नहीं, कई सिनेमाघरों में तोड़फोड़ भी की. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘माय नेम इज खान’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए मुंबई पुलिस 2000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया. सिनेमाघरों के बाहर पुलिस ने टाइट सिक्योरिटी तैनात की. फिल्म रिलीज हुई और विवाद के चलते मेकर्स ने खूब नोट छापे. करण जौहर ने इसे डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया था. गौरी खान इसकी को-प्रोड्यूसर थीं. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)












