सुल्तानपुर जिला जिसे केशपुर, कहा जाता है. यहां पर भी गौतम बुद्ध ने लगभग 6 महीने प्रवास किया था.चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी यहां पर गौतम बुद्ध के स्थलों का जिक्र किया है लेकिन दुर्भाग्य है कि सुल्तानपुर का यह बौद्ध स्थल अब सिर्फ खंडहर हो चुका है. यहां पर जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं जो भी पुराने अवशेष बचे हैं उनका संरक्षण करने वाला कोई नहीं स्थानीय लोगों की यह मांग है कि सारनाथ और श्रावस्ती की तरह केशपुर को भी डेवलप किया जाना चाहिए.
सुल्तानपुर जिला जिसे केशपुर, कहा जाता है. यहां पर भी गौतम बुद्ध ने लगभग 6 महीने प्रवास किया था.चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी यहां पर गौतम बुद्ध के स्थलों का जिक्र किया है लेकिन दुर्भाग्य है कि सुल्तानपुर का यह बौद्ध स्थल अब सिर्फ खंडहर हो चुका है. यहां पर जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं जो भी पुराने अवशेष बचे हैं उनका संरक्षण करने वाला कोई नहीं स्थानीय लोगों की यह मांग है कि सारनाथ और श्रावस्ती की तरह केशपुर को भी डेवलप किया जाना चाहिए.








