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ट्रंप फ‍िर बढ़ाएंगे भारत की टेंशन, रूसी तेल खरीदने पर सैंक्‍शंस लगाने के द‍िए संकेत

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Published On: June 25, 2026

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होमदुनियाअमेरिका

ट्रंप फ‍िर बढ़ाएंगे भारत की टेंशन, रूसी तेल पर सैंक्‍शंस लगाने के द‍िए संकेत

Agency:एजेंसियां

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G7 समिट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा अमेरिका रूसी तेल शिपमेंट पर कड़े प्रतिबंध फिर लागू करेगा. इससे रूस की कमाई और भारत की तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ेगा. ट्रंप का यह बयान भारत के ल‍िए नई मुश्क‍िलें पैदा कर सकता है, क्‍योंक‍ि भारत भारी मात्रा में रूस से तेल खरीद रहा है.

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अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप.

अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप फ‍िर ऐसा फैसला ले सकते हैं, जिससे भारत की मुश्क‍िलें बढ़ जाएंगी. G7 समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा क‍ि अमेरिका जल्द ही रूसी तेल शिपमेंट पर कड़े प्रतिबंध फिर से लागू करने की योजना बना रहा है, क्योंकि मिड‍िल ईस्‍ट में सप्लाई रूट स्‍टेबल हो रहे हैं. यह भारत के ल‍िए टेंशन देने वाला है, क्‍योंक‍ि भारत भारी मात्रा में तेल रूस से खरीद रहे हैं. हालांक‍ि भारत ट्रंप के दबाव के बावजूद रूसी तेल खरीदना नहीं रोका है.

ईरान के साथ तनाव के दौरान एनर्जी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से ग्लोबल मार्केट को बचाने के लिए इमरजेंसी छूट के ज़रिए इन प्रतिबंधों में कुछ समय के लिए ढील दी गई थी. ट्रंप ने कहा कि जब स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से कमर्शियल कच्चे तेल की सप्लाई भरोसेमंद तरीके से फिर से शुरू हो जाएगी, तो ये उपाय फिर से लागू कर दिए जाएंगे. इस कदम से रूस की कमाई के एक अहम ज़रिया को निशाना बनाकर उस पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है.

क‍ितना तेल खरीद रहा भारत
केप्लर (Kpler) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदना जारी रखे हुए है. जून 2026 में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात लगभग 18 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास रहने का अनुमान है, जो भारत के कुल समुद्री कच्चे तेल आयात का लगभग 35% से 40% हिस्सा बनता है. रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा या प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जबकि इराक, सऊदी अरब और यूएई उसके बाद आते हैं.

छूट पहले की तुलना में कम
केप्लर के डेटा से यह भी संकेत मिलता है कि रूसी तेल पर मिलने वाली कीमत छूट पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन भारतीय रिफाइनरियां अब भी इसे आर्थिक रूप से लाभदायक मान रही हैं. इसी वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल और अन्य रिफाइनरियां रूसी ग्रेड के तेल की खरीद जारी रखे हुए हैं. ऊर्जा सुरक्षा और लागत नियंत्रण की रणनीति के तहत भारत ने रूस से तेल आयात को अपने कच्चे तेल आपूर्ति पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाए रखा है.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

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