- पीड़ित महिला ने डीएम सोनभद्र व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र को प्रार्थना पत्र देकर लगाई गुहार
- डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने महिला को न्याय दिलाने का दिया आश्वासन

सोनभद्र। कोर्ट के आदेश के ढाई साल बाद भी जमीन की फ़ाटबन्दी नहीं हुई। सिर्फ कानूनगो व लेखपाल द्वारा हीलाहवाली की जा रही है। पीड़ित महिला ने डीएम सोनभद्र व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए महिला को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।पीड़ित महिला मंजू देवी पुत्री सदाफल चौहान निवासी ग्राम मधुपुर, परगना अहरौरा, तहसील व थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र ने 16 जून 2026 को डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि डिप्टी कलेक्टर रॉबर्ट्सगंज के न्यायालय ने 31 अक्तूबर 2023 को मौजा मधुपुर स्थित पिताजी की आराजी नम्बर 856/1 रकबा 0.2920 हेक्टेयर जमीन फ़ाटबन्दी का स्पष्ट आदेश पारित किया गया है। जिसमें राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को टीम के साथ मौके पर जाकर सीमांकन करने को कहा गया था। बावजूद इसके ढाई साल बीत जाने के बाद भी कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है, बल्कि कानूनगो व लेखपाल द्वारा आदेश की अवहेलना की जा रही है। इतना ही नहीं पिताजी की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक द्वारा एक जून 2026 को नोटिस जारी की गई थी, जिसमें मधुपुर के प्रधान के साथ 8 जून 2026 को सुबह 8 बजे नापी के लिए पहुंचने को निर्देशित किया गया था। लेकिन मौके पर राजस्व निरीक्षक व लेखपाल नहीं पहुंचे, जब फोन कर नापी के लिए बुलाया गया तो तरह तरह का बहाना बनाकर लगातार हीलाहवाली की जा रही है। पिताजी बीमार हैं, जिसकी वजह से महिला होकर पैरवी करनी पड़ रही है।डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र कार्यालय में बुधवार को पीड़ित महिला मंजू देवी ने एक शिकायती पत्र देकर कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराए जाने की मांग की है।डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, सोनभद्र के महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने कहा कि महिला के शिकायती पत्र को एसोसिएशन ने संज्ञान में लिया है। महिला को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के मीडिया प्रभारी राजेश कुमार यादव एडवोकेट ने कहा कि न्यायालय के आदेश की खुली अवमानना है तथा एक गरीब महिला को न्याय से वंचित करने का प्रयास है। पूर्व महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एड ने कहा कि उक्त प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायालय के आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
यहाँ एसोसिएशन स्पष्ट करता है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता समाज पीड़िता के समर्थन में विधिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन के लिए बाध्य होगा। न्याय में देरी अन्याय के समान है।इस अवसर पर एडवोकेट पवन कुमार सिंह, टीटू गुप्ता,मृगराज सिंह,अमित वर्मा, संतोष कुमार यादव, राकेश कुमार सिंह, विनीता, आकृति निर्भया,किरन सिंह, आदर्श देव पांडेय, शाहनवाज आलम खान आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।









