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हम जिस शख्स की बात कर रहे हैं, उसकी कहानी फिल्मी स्क्रिप्ट लगती है. पहले वह शख्स हत्या के आरोप में जेल जाता है. जब पैरोल पर बाहर आता है, तो अचानक गायब हो जाता है. आरोपी की जब पुलिस तलाश कर रही थी, तब वह बॉलीवुड फिल्मों से नाम कमा रहा था. एक्टर बनने के लिए उसने अपनी पहचान छिपाई, फिर आमिर खान और रणवीर सिंह जैसे दिग्गजों की फिल्मों में काम किया. आखिरकार, 12 साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
नई दिल्ली: अपराध के बाद अगर कोई शख्स पुलिस की गिरफ्त ने निकल जाता है, तो वह उनसे बचने की हर मुमकिन कोशिश करता है. पुलिस भी उन्हें वॉन्टेड घोषित करके जेल में डालने की हर संभव कोशिश करती है. मगर यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि हत्या का आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक्टर बन जाए. कुछ वक्त पहले उस एक्टर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया, तो उनका काला इतिहास लोगों के सामने आया. वह नाम बदलकर हिंदी सिनेमा में काम कर रहा था.

हम हेमंत वैष्णव की बात कर रहे हैं, जिनका पूरा नाम है- ‘हेमंत नागिनदास पुरुषोत्तमदास मोदी.’ न्यूज18 इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें साल 2005 में अहमदाबाद में हुए एक हत्या और दंगे के मामले में दोषी पाया गया था. इसके बाद, साल 2008 में अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी. वह मेहसाणा जेल में अपनी सजा काट रहा था, तब 2014 में उसे गुजरात हाईकोर्ट से 30 दिनों की पैरोल मिली.

हेमंत को पैरोल खत्म होने के बाद वापस जेल लौटना था, लेकिन वह गायब हो गया. अधिकारियों के सामने सरेंडर न करने की वजह से उसे भगोड़ा घोषित कर दिया. वह 12 सालों तक लगातार अपनी लोकेशन्स बदलता रहा और पहचान छिपाकर घूमता रहा, ताकि पुलिस की नजरों से बचा रह सके.
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पुलिस से छिपने के दौरान हेमंत ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया और वह बॉलीवुड में किस्मत आजमाने पहुंच गया. उसने अपना नाम बदलकर ‘स्पंदन मोदी’ रख लिया और एक उभरते हुए एक्टर के तौर पर शुरुआत की. वह मुंबई शिफ्ट हो गया और चुपचाप एंटरटेनमेंट की दुनिया में पैर पसारने लगा, जहां धीरे-धीरे उसे फिल्मों में सपोर्टिंग रोल्स मिलने लगे.

हेमंत का एक्टिंग करियर उसे अनजाने में ही सही, बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स के करीब ले आया. उसने आमिर खान और अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में एक छोटी भूमिका निभाई. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी को भी उसके इस खौफनाक और आपराधिक अतीत की भनक तक नहीं थी.

रणवीर सिंह की फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ में भी हेमंत ने काम किया. हिंदी फिल्मों के साथ-साथ उसने गुजराती सिनेमा, कई टीवी शोज और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में भी काम किया. वह एक प्रोफेशनल एक्टर के रूप में अपनी जगह बना चुका था. वह अपनी असली पहचान को पूरी तरह से छिपाए रखने में कामयाब रहा.

हेमंत वैष्णव सालों तक स्क्रीन पर दिखे. फिर भी कानून के लंबे हाथ उन तक नहीं पहुंच पा रहे थे. हालांकि, साल 2025 में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को आखिरकार उसके ठिकाने की पक्की सूचना मिली. खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और अहमदाबाद के घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास से एक्टर को गिरफ्तार कर लिया.












