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अयोध्या का नया घाट पहले कहा जाता था स्वर्ग का द्वार, आज सरयू आरती और धार्मिक आयोजनों का है मुख्य केंद्र, जाने

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Published On: May 17, 2026

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वर्ग द्वार घाट वह पवित्र स्थान था जहां स्नान, दान, तप और ध्यान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. संतों और विद्वानों का मानना है कि यह घाट मोक्षदायिनी सरयू के प्रमुख तटों में शामिल था. कई धार्मिक ग्रंथों और लोक परंपराओं में भी स्वर्ग द्वार घाट का उल्लेख मिलता है. मान्यता यह भी है कि यहां साधु-संत वर्षों तक तपस्या करते रहे, इसलिए इस स्थान की आध्यात्मिक महिमा अत्यंत विशेष मानी जाती है.

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वर्ग द्वार घाट वह पवित्र स्थान था जहां स्नान, दान, तप और ध्यान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. संतों और विद्वानों का मानना है कि यह घाट मोक्षदायिनी सरयू के प्रमुख तटों में शामिल था. कई धार्मिक ग्रंथों और लोक परंपराओं में भी स्वर्ग द्वार घाट का उल्लेख मिलता है. मान्यता यह भी है कि यहां साधु-संत वर्षों तक तपस्या करते रहे, इसलिए इस स्थान की आध्यात्मिक महिमा अत्यंत विशेष मानी जाती है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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