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Video: पुणे में नौकर, बिहार में बना मालिक! इंजीनियर पानी से निकाल रहा है साल का 1 करोड़, मुनाफा सुन उड़ेंगे होश

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Published On: May 17, 2026

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Fish Farming Success Story: मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे…इस कहावत को सच कर दिखाया है भागलपुर के झंडापुर निवासी सौरभ कुमार ने. पुणे से इंजीनियरिंग और फिर एमबीए करने के बाद सौरभ ₹50000 महीने की कॉर्पोरेट नौकरी कर रहे थे, लेकिन बंदिशों और महीने के आखिर में खाली होती जेब से तंग आकर उन्होंने बिहार लौटने का फैसला किया. आज वे मछली पालन के जरिए सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर जेनरेट कर रहे हैं. सौरभ ने करीब 15 एकड़ में आधुनिक तालाब विधि और बायोफ्लॉक तकनीक से हैचरी और मत्स्य पालन शुरू किया. शुरुआत में उनके लिए यह बिल्कुल नया फील्ड था, लेकिन मत्स्य पालन अधिकारी कृष्ण कन्हैया की तकनीकी मदद से उन्होंने हर मुश्किल को पार कर लिया. आज वे अलग-अलग ब्रीड की मछलियों और उनके बच्चों (जीरा) का बंपर उत्पादन कर रहे हैं. बिहार में मछली के बच्चों के लिए पहले पूरी तरह बंगाल पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन सौरभ ने इस गैप को भरा है. तमाम खर्च काटकर वे सालाना 30 लाख रुपये की शुद्ध बचत कर रहे हैं. उनकी यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी छोड़ खुद का स्टार्टअप करना चाहते हैं.

​Fish Farming Success Story: मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे…इस कहावत को सच कर दिखाया है भागलपुर के झंडापुर निवासी सौरभ कुमार ने. पुणे से इंजीनियरिंग और फिर एमबीए करने के बाद सौरभ ₹50000 महीने की कॉर्पोरेट नौकरी कर रहे थे, लेकिन बंदिशों और महीने के आखिर में खाली होती जेब से तंग आकर उन्होंने बिहार लौटने का फैसला किया. आज वे मछली पालन के जरिए सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर जेनरेट कर रहे हैं. सौरभ ने करीब 15 एकड़ में आधुनिक तालाब विधि और बायोफ्लॉक तकनीक से हैचरी और मत्स्य पालन शुरू किया. शुरुआत में उनके लिए यह बिल्कुल नया फील्ड था, लेकिन मत्स्य पालन अधिकारी कृष्ण कन्हैया की तकनीकी मदद से उन्होंने हर मुश्किल को पार कर लिया. आज वे अलग-अलग ब्रीड की मछलियों और उनके बच्चों (जीरा) का बंपर उत्पादन कर रहे हैं. बिहार में मछली के बच्चों के लिए पहले पूरी तरह बंगाल पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन सौरभ ने इस गैप को भरा है. तमाम खर्च काटकर वे सालाना 30 लाख रुपये की शुद्ध बचत कर रहे हैं. उनकी यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी छोड़ खुद का स्टार्टअप करना चाहते हैं.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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