कचनरवा/कोन/सोनभद्र। कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा ग्राम पंचायत के रोहिनवादामर गांव में सर्पदंश से एक महिला की मौत के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ लोगों को जागरूक रहने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है। जानकारी के अनुसार, तेतरी देवी (करीब 50 वर्ष), पत्नी शिवदास को सांप ने डंस लिया था। परिजन पहले झाड़-फूंक कराते रहे, जिससे इलाज में देरी हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें झारखंड के गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार शाम करीब चार बजे उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है और समय पर अस्पताल पहुंचने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को खेतों, झाड़ियों और अंधेरे स्थानों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे शांत रखें, अनावश्यक चलने-फिरने से बचाएं और बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के भरोसे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में केवल प्रशिक्षित चिकित्सकों से ही उपचार कराएं, ताकि समय रहते मरीज की जान बचाई जा सके।











