धूमा/सोनभद्र। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। धूमा क्षेत्र के ग्राम पंचायत ललमटिया टोला में Birsa Munda Public School (English Medium) का संचालन अस्थायी रूप से प्रारम्भ कर दिया गया है। विद्यालय खुलने की सूचना मिलते ही आसपास के अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि अब बच्चों को स्थानीय स्तर पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध होगा।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से बताया गया कि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने, आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने तथा प्रतिस्पर्धी युग के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से विद्यालय की शुरुआत की गई है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर अभिभावकों को अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए दूरस्थ कस्बों या शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयाँ आती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुलना क्षेत्र के लिए राहतभरी खबर माना जा रहा है।
विद्यालय के संचालन से न केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी बल्कि अभिभावकों का समय और परिवहन व्यय भी कम होगा। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार बच्चों की पढ़ाई के साथ अनुशासन, नैतिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है और इच्छुक अभिभावक विद्यालय पहुँचकर अपने बच्चों का नामांकन करा सकते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि प्रारम्भिक चरण में सीमित सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है, इसलिए अभिभावकों से समय रहते संपर्क करने की अपील की गई है।
विद्यालय से जुड़े प्रतिनिधि संतोष कुमार ने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में अंग्रेजी माध्यम शिक्षा की मांग तेजी से बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी वही अवसर मिलना चाहिए जो शहरों के बच्चों को मिलता है।
अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र में इस प्रकार का विद्यालय खुलना बच्चों के भविष्य के लिए सकारात्मक कदम है। कई परिवारों ने पहले ही विद्यालय के बारे में जानकारी लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित होगी।
विद्यालय में योग्य शिक्षकों की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है ताकि बच्चों को विषयवार सही मार्गदर्शन मिल सके। साथ ही विद्यालय में नियमित उपस्थिति, पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा समय-समय पर मूल्यांकन की व्यवस्था भी की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को लेकर लगातार बढ़ती जागरूकता के बीच यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि विद्यालय प्रबंधन अपनी गुणवत्ता बनाए रखता है तो आने वाले समय में यह क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में स्थान बना सकता है।
विद्यालय से संबंधित अधिक जानकारी और प्रवेश के लिए अभिभावक संतोष कुमार से मोबाइल नंबर 7388971748 पर संपर्क कर सकते हैं।


