China New Threats | अब कोरोना के बाद चाइना का नया हथियार दुनिया के लिया बना खतरा, नई तकनीक की ईजाद

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China New Threats | अब कोरोना के बाद चाइना का नया हथियार दुनिया के लिया बना खतरा, नई तकनीक की ईजाद

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दिल्ली: ड्रैगन यानी चाइना (China) लगातार नए-नए हथियार और तकनीक ईजाद कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाने का काम कर रहा है। अब चीन के नए हथियार ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। चीन के इस नए अविष्कार को पूरी दुनिया के लिए खतरनाक बताया जा रहा है। चीन का इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet Of Things) (IOT) आने वाले वर्षों में पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने जासूसी के लिए एक नई तकनीक ईजाद की है। यह तकनीक दुनिया के लिए बहुत खतरनाक होने की संभावना है। 

 नेटवर्क का इस्तेमाल जासूसी के लिए करेगा चीन

एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन अब इंटरनेट नेटवर्क का इस्तेमाल जासूसी के लिए करेगा। चीन ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) नामक एक तकनीक विकसित की है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सॉफ्टवेयर सेंसर (Software Sensor) और अन्य तकनीकों का एक नेटवर्क है जिसे इंटरनेट पर अन्य उपकरणों के साथ डेटा को जोड़ने और आदान-प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जानकारों के मुताबिक इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर हैकर्स आसानी से कोई भी डेटा चुरा (Data Hack) सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण उद्योगों में चीन का नया हथियार स्मार्ट शहरों में जासूसी उपकरण (World Threats) भी बन सकता है। इस वजह से चीन की यह तकनीक दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

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जोड़ा जा सकता है दुनिया भर में स्मार्ट शहरों को 

 इंटरनेट ऑफ थिंग्स एक तकनीक है। यह नेटवर्किंग के जरिए कई गैजेट्स को एक-दूसरे से कनेक्ट करेगा। इंटरनेट ऑफ थिंग्स को आईओटी भी कहा जाता है। इसमें सभी गैजेट्स एक दूसरे से जुड़ते हैं और डेटा का आदान-प्रदान करते हैं, जिससे सभी डिवाइसों से डेटा को स्टोर किया जाता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिए दुनिया भर में स्मार्ट शहरों को जोड़ा जा सकता है। इसमें सभी डिवाइस एक दूसरे से कनेक्ट रहेंगे। लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मान लीजिए कि आप एक खुफिया प्रयोगशाला में प्रवेश करते हैं, जिसका दरवाजा और कैमरे बंद हैं। इस लैब में सबकुछ एआई सिस्टम पर आधारित है।

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 AI सिस्टम से डेटा तक IOT कर सकता है नियंत्रित 

लेकिन अगर आप इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जुड़ते हैं, तो इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) के पास आपके लैब के AI सिस्टम से डेटा तक पहुंच होगी और IOT इसे नियंत्रित कर सकता है। यह हैकर्स को आपके लैब के सिस्टम और कैमरों को हैक करने का एक आसान अवसर प्रदान कर सकता है। लैब का एआई सिस्टम दरवाजों और कैमरों को नियंत्रित कर सकता है, साथ ही अन्य डेटा को सुरक्षित रखने का काम करता है। लेकिन अगर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की बदौलत लैब का नेटवर्क चीन के नेटवर्क से किसी भी तरह से जुड़ा है, तो यह एक जासूसी उपकरण भी बन सकता है। तो यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा होगा।

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