विंढमगंज में तेज रफ्तार बाइक से हादसा, बालक और युवक घायल

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संवाददाता : प्रेमचंद, विंढमगंज (सोनभद्र)।
शनिवार को विंढमगंज थाना क्षेत्र के मुख्य बस स्टैंड पर एक गंभीर सड़क हादसा घटित हुआ। ग्राम केवल निवासी अखिलेश कुमार गोड, पिता रामनाथ गोड अपनी टीवीएस स्टार स्पोर्ट बाइक से अपने घर से विंढमगंज बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वे बस स्टैंड चौराहे के पास पहुँचे, अचानक उनकी बाइक मनोज कुमार मद्देशिया के छोटे सुपुत्र से टकरा गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक इतनी तेज रफ्तार में थी कि टक्कर लगते ही वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और फिसलते हुए सीधे सरकारी अस्पताल के मुख्य गेट तक जा पहुँचा, जो स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। टक्कर के प्रभाव से साइकिल पर सवार मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार चल रहा है।

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि बाइक की गति कम से कम 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। इतनी तेज रफ्तार विंढमगंज के मुख्य चौराहे और बस स्टैंड जैसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। लोगों ने इस हादसे के लिए चालक की लापरवाही और नियमों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया।

ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल के अधिकांश युवा चालक यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए तेज रफ्तार को ही अपनी शान समझते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि तेज गति न केवल उनके लिए बल्कि आमजन और राहगीरों के जीवन के लिए भी खतरा बन जाती है। ऐसी घटनाएँ यह साबित करती हैं कि यदि समय रहते यातायात नियमों का पालन नहीं किया गया, तो सड़कें असुरक्षित होती जाएँगी।

हादसे के बाद लोगों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को ऐसे संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान चलाकर तेज रफ्तार और लापरवाह चालकों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए। साथ ही, आम जनता को भी जागरूक किया जाना आवश्यक है ताकि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।

इस घटना में बाइक चालक अखिलेश कुमार गोड भी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत पीतमगंज स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्परता से उनका इलाज शुरू किया। जानकारी के अनुसार, अखिलेश के हाथ और पैर पर गहरी चोटें आई हैं। तेज रफ्तार बाइक फिसलने से उनके शरीर पर कई जगह छिलन और सूजन हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। अगले एक-दो दिन में एक्स-रे और अन्य जांचों के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी कि कहीं हड्डी या अन्य आंतरिक अंगों में गंभीर चोट तो नहीं है।

फिलहाल बालक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, जबकि अखिलेश कुमार गोड अस्पताल में उपचाराधीन हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग लगातार एक ही सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही से मासूमों की जिंदगी खतरे में डाली जाती रहेगी।

यह हादसा एक बार फिर इस सच्चाई को सामने लाता है कि सड़क पर सुरक्षित चलना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जब तक लोग स्वयं नियमों का पालन नहीं करेंगे और नियंत्रित रफ्तार में वाहन नहीं चलाएँगे, तब तक दुर्घटनाएँ होती रहेंगी और निर्दोष लोग इसकी कीमत चुकाते रहेंगे।

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