’80 हजार की बढ़त वाले कैंडिडेट को हराया गया’, रावलपिंडी कमिश्नर का PAK चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप

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पाकिस्तान में आम चुनाव के परिणाम आ चुके हैं, लेकिन नई सरकार के गठन को लेकर जद्दोजहद जारी है. इसी बीच रावलपिंडी के आयुक्त लियाकत अली चट्ठा ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 8 फरवरी के आम चुनाव के नतीजों में उनकी निगरानी में ‘हेरफेर’ किया गया था. 

रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए लियाकत अली ने कहा कि मैं इस सारे गलत काम की जिम्मेदारी ले रहा हूं, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और सुप्रीम कोर्ट के एक शीर्ष न्यायाधीश भी इस धांधली में शामिल थे. उन्होंने कहा कि हमने ऐसे निर्दलीय कैंडिडेट्स जो 70 से 80 हजार वोटों से आगे चल रहे थे, उन्हें धांधली कर हरवा दिया गया.

लियाकत अली ने कहा कि वह अपने “पद और नौकरी” से इस्तीफा दे रहे हैं, क्योंकि वह 2024 के चुनाव में धांधली जैसे गंभीर अपराध में शामिल थे. उन्होंने इसे लेकर एक लेटर भी लिखा है. ये लेटर पंजाब के राज्यपाल हाजी गुलाम अली, अंतरिम प्रांतीय मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी और प्रांतीय मुख्य सचिव को संबोधित था.

लियाकत चट्ठा बोले- इस अन्याय की मुझे भी सजा मिले

यह पूछे जाने पर कि क्या चुनावी प्रक्रिया में “अनियमितताएं” थीं और क्या स्थानीय रिटर्निंग अधिकारियों ने परिणामों के प्रसारण में देरी की थी, इस पर चट्ठा ने कहा कि अनियमितताएं तो इसके लिए एक छोटा शब्द है. कमिश्नर ने कहा कि ”देश की पीठ में छुरा घोंपना” उन्हें सोने नहीं देता. मैंने जो अन्याय किया है उसके लिए मुझे दंडित किया जाना चाहिए और इस अन्याय में शामिल अन्य लोगों को भी दंडित किया जाना चाहिए.

‘मुझ पर काफी दवाब था’

रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चट्ठा ने कहा कि उन पर इस हद तक “दबाव” था कि उन्होंने सुबह आत्महत्या के बारे में सोचा, लेकिन फिर जनता के सामने मामले को पेश करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि पूरी ब्यूरोक्रेसी से मेरा अनुरोध है कि इन सभी राजनीतिक लोगों के लिए कुछ भी गलत न करें.

चुनाव आयोग ने दी ये प्रतिक्रिया

चट्ठा के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने कहा कि उसने ईसीपी या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आरोपों को दृढ़ता से खारिज कर दिया. EC ने कहा कि उसके किसी भी अधिकारी ने कभी भी चट्ठा को चुनाव परिणामों में बदलाव के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया. इसमें कहा गया है कि किसी भी मंडल के आयुक्त को न तो कभी जिला रिटर्निंग अधिकारी, रिटर्निंग कार्यालय या पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है और न ही वे कभी चुनाव के संचालन में प्रत्यक्ष भूमिका निभाते हैं. हालांकि चुनाव आयोग जल्द से जल्द इस मामले की जांच करेगा.

कार्यवाहक सीएम ने दिए जांच के आदेश

पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने चट्ठा द्वारा लगाए गए आरोपों की “निष्पक्ष जांच” के आदेश दिए. उन्होंने निर्देश दिया कि मामले की जांच करने के लिए एक “उच्च स्तरीय समिति” का गठन किया जाए. सीएम नकवी ने कहा कि आरोपों की स्वतंत्र जांच की जाएगी. तथ्यों को सामने लाया जाएगा.

कार्यवाहक सूचना मंत्री ने खारिज किए धांधली के दावे

पंजाब के कार्यवाहक सूचना मंत्री अमीर मीर ने चट्ठा के दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि आयुक्त ने चुनाव परिणामों में छेड़छाड़ का कोई सबूत नहीं दिखाया. मीर ने कहा कि मुझे लगता है कि वह सेवानिवृत्त होने के बाद अपने राजनीतिक करियर को शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि अधिकारी ने 8 फरवरी को जब चुनाव हुए थे, तो धांधली के बारे में सफाई क्यों नहीं दी. अगर उन्हें मजबूर किया गया था, तो वह चुनाव के दिन आगे क्यों नहीं आए? 

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