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Diljit Dosanjh Satluj Row: 127 कट्स से OTT पर हटने तक… दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर बनी हाई लेवल कमेटी, कंटेंट की करेगी जांच

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Published On: July 7, 2026

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पंजाबी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ (Film Satluj Row) विवादों में घिरी हुई है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब मंत्रालय के निर्देश के बाद OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 ने फिल्म को भारत में अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया.

हिन्दुस्तान टाइम्स अखबार ने इस मामले से जुड़े अधिकारियों के हवाले से बताया कि मंत्रालय ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A और सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत की है. धारा 69A सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और भारत की संप्रभुता जैसे मुद्दों के आधार पर ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक या हटाने का अधिकार देती है.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब इस मामले की जांच IT नियम 2021 के नियम 14 के तहत गठित समिति करेगी. यह समिति विवादित डिजिटल कंटेंट से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा कर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें दे सकती है.

जसवंत सिंह खालड़ा पर बनी है फिल्म

दिलजीत दोसांझ की यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, जो 1995 में लापता हो गए थे और फिर कभी नहीं मिले. फिल्म का शुरुआती नाम ‘पंजाब-95’ था.

फिल्म को पहली बार साल 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास भेजा गया था. उस समय बोर्ड ने इसमें 127 बदलावों की सिफारिश की थी. फिल्म निर्माताओं ने इन बदलावों को स्वीकार नहीं किया और शुक्रवार को यह फिल्म बिना कट के ZEE5 पर रिलीज कर दी गई.

हालांकि, रिलीज के कुछ ही समय बाद फिल्म को लेकर विवाद बढ़ गया और रविवार को OTT प्लेटफॉर्म ने घोषणा की कि यह फिल्म भारत में अब उपलब्ध नहीं है.

OTT से क्यों हटाई गई फिल्म?

इस मामले पर नवनियुक्त CBFC चेयरपर्सन शशि शेखर ने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते. उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों पर CBFC का सीधा नियंत्रण नहीं होता.

इस फिल्म को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे ‘साझी यादों, सच्चाई और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला’ बताया.

वहीं आम आदमी पार्टी नेता बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस मिलकर पंजाब के इतिहास से जुड़े कुछ पहलुओं को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी को पूरी जानकारी न मिल सके.

दिलजीत दोसांझ ने जताई थी आशंका

फिल्म के मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी विवाद को लेकर प्रतिक्रिया दी थी. इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि फिल्म को लेकर ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है.

फिलहाल, अंतर-विभागीय समिति फिल्म की सामग्री की समीक्षा करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है.

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