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आलिया भट्ट इन दिनों अल्फा को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म के प्रमोशन के लिए वह समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में गईं. इसके लिए उन्हें ट्रोल होना पड़ा. इससे पहले कान्स 2026 के समय भी वह ट्रोल हुईं. अब उनके पिता महेश भट्ट ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों को सलाह नहीं देते हैं. ज्यादा प्रोटेक्शन बच्चों को कमजोर बना देता है.
महेश भट्ट ने बेटी आलिया भट्ट के बारे में बात की. (फाइल फोटो)
मुंबई. आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर स्टारर ‘अल्फा’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म और आलिया को लेकर उनके पिता और फिल्ममेकर महेश भट्ट ने बात की. उनका मानना है कि स्टारडम के साथ आलोचना और नफरत भी आती है. इसलिए वह अपनी बेटी आलिया को ट्रोलिंग या आलोचनाओं से बचाने की कोशिश नहीं करते. उनका कहना है कि जीवन ही सबसे बड़ा शिक्षक है और हर इंसान को अपने अनुभवों से सीखना चाहिए.
महेश भट्ट ने कहा कि वह अपने बच्चों को सलाह देने में विश्वास नहीं रखते. महेश भट्ट ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा,”मैं अपने बच्चों को कभी सलाह नहीं देता. वे मुझसे ज्यादा समझदार हैं. वे आज के दौर को बेहतर तरीके से जानते हैं और अपने अनुभवों से सीखेंगे. जिंदगी ही सबसे बड़ी शिक्षक है.” उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा प्रोटेक्शन बच्चों को कमजोर बना सकता है.
महेश भट्ट ने कहा कि अगर वे हमेशा अपने बच्चों को बचाते रहेंगे, तो वे रियल वर्ल्ड के चैलेंजेस का सामना करना नहीं सीख पाएंगे. उन्होंने अपनी बात को एक उदाहरण से समझाते हुए कहा, “शोहरत की एक कीमत होती है. अगर आप धूप में खड़े होंगे तो धूप आपको झुलसाएगी भी. यही प्रसिद्धि का स्वाभाविक परिणाम है.”
महेश भट्ट ने कहा कि फिल्मी सितारों के लिए आलोचना और सराहना दोनों उनके प्रोफेशन का हिस्सा हैं और इससे बचा नहीं जा सकता. उन्होंने आगे कहा कि वह अपने जीवन के अनुभव अपने बच्चों पर थोपना नहीं चाहते, क्योंकि हर पीढ़ी का समय अलग होता है. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया पहले से काफी बदल चुकी है और नई पीढ़ी को अपने फैसले खुद लेने चाहिए. माता-पिता केवल मार्गदर्शन दे सकते हैं, लेकिन उनकी जिंदगी उनके बच्चों की जिंदगी जैसी नहीं हो सकती.
महेश भट्ट ने यह भी कहा कि माता-पिता को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उनके बच्चे उनके अनुभवों को हूबहू अपनी जिंदगी में लागू करेंगे. समय बदलता रहता है और हर इंसान का सफर अलग होता है. इसलिए बच्चों को अपनी गलतियों और सफलताओं से सीखने का अवसर देना जरूरी है.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें












