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पिता ने बेटे को संस्कार दिए. प्यार से 3 शब्द बोले. बेटे ने पिता की बात का सम्मान रखा. पिता की बात को अटल सत्य माना. 3 बार इन्हीं शब्दों के इर्द-गिर्द फिल्में बनाईं. तीनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. तीनों फिल्मों में एक भी अश्लील सीन नहीं था. फूहड़ता से दूर इन फिल्मों को देखकर दर्शक खुश हो गए. दर्शकों ने पूरे परिवार के साथ बैठकर फिल्में देखीं.
संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की कहानी पर रची बसी फिल्में बनाना आसान नहीं होता. बॉलीवुड में एक परिवार ने इन्हीं शब्दों के इर्द-गिर्द कहानी बुनी और 3 फिल्में बनाईं. तीनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिर पर तहलका मचा दिया. तीनों ही फिल्में छोटे बजट की थी. तीनों ही फिल्मे ब्लॉकबस्टर साबित हुईं. हिंदी सिनेमा में अमिट छाप छोड़ी. हम बात कर रहे हैं सूरज बड़जात्या की. सूरज बड़जात्या ने अपने पिता रामकुमार के कहने पर तीन फिल्में बनाईं. ये फिल्में थीं : हम आपके है कौन, हम साथ-साथ हैं और विवाह.

सबसे पहले बात करते हैं 5 अगस्त 1994 को रिलीज फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ की जिसमें सलमान खान-माधुरी दीक्षित लीड रोल में थे. रीमा लागू, अलोक नाथ और मोहनीश बहल भी अहम भूमिकाओं मे थे. यह फिल्म 1982 में रिलीज राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म ‘नदिया के पार’ का रीमेक थी. ‘नदिया के पार’ फिल्म केशव प्रसाद मिश्रा के उपन्यास ‘कोहबर की शर्त’ पर बेस्ड थी. म्यूजिक राम-लक्ष्मण का था. गीतकार रविंदर रावल और देव कोहली थे. फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ देव कोहली ने ही लिखा था. फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था.

‘मैंने प्यार किया’ फिल्म की तेलुगु भाषा में जब डबिंग हो रही थी, तब चेन्नई के एक स्टूडियो में सूरज बड़जात्या अपने पिता राज कुमार बड़जात्या के साथ बैठे हुए थे. इसी दौरान राज कुमार बड़जात्या ने एक कागज पर ‘नदिया के पार’ फिल्म का रीमेक बनाने को कहा था. सूरज बड़जात्या ने अपने पिता की बात मानी और ढाई साल में स्क्रिप्ट लिखी. इस तरह से ‘हम आपके है कौन’ फिल्म के बनने की रूपरेखा बनी. फिल्म में लता मंगेशकर ने फिल्म में रिकॉर्ड 10 गाने गाए थे. फिल्म को बेस्ट पॉप्युलर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. बजट करीब 6.25 करोड़ था. मूवी ने 116 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
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‘हम आपके हैं कौन’ की सफलता के बाद सूरज बड़जात्या नए सब्जेक्ट की तलाश में थे. तब उनके पिता ने रामायण पर फिल्म बनाने की सलाह दी. सूरज बड़जात्या यह सुनकर हैरान रह गए. फिर उन्होंने ऐसी कहानी बुनी जो मॉडर्न रामायण जैसी लगे. इस तरह से ‘हम साथ-साथ हैं’ फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार हुई. फिल्म 5 नवंबर 1999 को राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले रिलीज हुई. डायरेक्टर सूरज बड़जात्या थे. प्रोड्यूसर अजित कुमार बड़जात्या, कमल कुमार बड़जात्या और राजकुमार बड़जात्या थे. इस फैमिली ड्रामा फिल्म में मोहनीश बहल, तब्बू, सलमान खान, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान, करिश्मा कपूर, नीलम कोठारी, महेश ठाकुर, आलोक नाथ, रीमा लागू, शक्ति कपूर जैसे सितारे नजर आए.

फिल्म ने रिलीज होते ही दर्शकों का दिल जीत लिया. मोहनीश बहल को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. यह तीसरा मौका था जब 10 साल के अंतराल में सलमान खान, मोहनीश बहल, आलोक नाथ और एक्ट्रेस रीमा लागू तीसरी बार एकसाथ किसी फिल्म में नजर आए थे. सबसे दिलचस्प बात यह है तीनों ही फिल्मों में सलमान खान का नाम ‘प्रेम’ था. 10 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 81 करोड़ का कारोबार किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.

साल था 2003. सूरज बड़जात्या की एक फिल्म ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ फ्लॉप हो गई थी. फिल्म 24 करोड़ के बजट में बनी थी. फिल्म फ्लॉप हो जाने से सूरज बड़जात्या उदास थे. ऐसे में उनके पिता राज कुमार फिर से संकटमोचक बने. उन्होंने 18 साल पुराना अखबार सूरज बड़जात्या को थमाया और अखबार में छपी एक खबर पर फिल्म बनाने के लिए कहा. सूरज पिता की बात को नहीं टाल सके. संस्कार-संस्कृति से रची-बसी फिल्म ‘विवाह’ बनाई. छोटे बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

मूवी 10 नवंबर 2006 को रिलीज हुई थी. कहानी सूरज बड़जात्या ने ही लिखी थी. मूवी में शाहिद कपूर, अमृता राव लीड रोल में थे. गीत-संगीत रवींद्र जैन का था.फिल्म में कुल 9 गाने थे. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘मिलन अभी अधूरा है’, ‘मुझे हक है’, ‘दो अनजाने अजनबी, हमारी शादी में, अभी बाकी हैं दिन चार’ शामिल थे. दिलचस्प बात यह है कि 10 नवंबर 2006 को ‘अपना सपना मनी-मनी’ फिल्म रिलीज हुई थी. यह एक कॉमेडी फिल्म थी लेकिन बॉक्स ऑफिस पर की रेस में ‘विवाह’ ने बाजी मार ली थी.












