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VIDEO: डर को हराना दादी से सीखा… जब बहस के बीच राहुल गांधी ने सुनाई दादी की कहानी

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Published On: April 17, 2026

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Rahul Gandhi on Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान एक दिलचस्प और अलग ही अंदाज देखने को मिला. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए अचानक बचपन की एक कहानी सुना दी और यहीं से पूरा माहौल थोड़ा अलग हो गया. राहुल गांधी ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी सीख उन्हें उनकी दादी से मिली थी. उन्होंने एक किस्सा सुनाया. एक रात उनके माता-पिता घर पर नहीं थे, तभी उनकी दादी उनका हाथ पकड़कर उन्हें अंधेरे बगीचे में ले गईं… और वहां अकेला छोड़ दिया। उस वक्त छोटे राहुल काफी डर गए उन्हें कुत्तों, भूतों और सांपों का डर सताने लगा. कुछ देर बाद जब उनकी दादी वापस आईं, तो उन्होंने पूछा ‘तुम डर क्यों रहे हो?’ राहुल ने अपने सारे डर बताए. तब उनकी दादी ने जो बात कही, वही उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख बन गई. उन्होंने समझाया कि असली डर बाहर की चीजों में नहीं होता, बल्कि हमारे मन और हमारी कल्पना में होता है. राहुल गांधी ने कहा कि उनकी दादी ने उन्हें सिखाया कि डर से भागना नहीं, बल्कि उसका सामना करना चाहिए. यही सीख आज भी उनके साथ है और इसी सोच के साथ महिलाओं को उनका अधिकार देना जरूरी है.

​Rahul Gandhi on Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान एक दिलचस्प और अलग ही अंदाज देखने को मिला. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए अचानक बचपन की एक कहानी सुना दी और यहीं से पूरा माहौल थोड़ा अलग हो गया. राहुल गांधी ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी सीख उन्हें उनकी दादी से मिली थी. उन्होंने एक किस्सा सुनाया. एक रात उनके माता-पिता घर पर नहीं थे, तभी उनकी दादी उनका हाथ पकड़कर उन्हें अंधेरे बगीचे में ले गईं… और वहां अकेला छोड़ दिया। उस वक्त छोटे राहुल काफी डर गए उन्हें कुत्तों, भूतों और सांपों का डर सताने लगा. कुछ देर बाद जब उनकी दादी वापस आईं, तो उन्होंने पूछा ‘तुम डर क्यों रहे हो?’ राहुल ने अपने सारे डर बताए. तब उनकी दादी ने जो बात कही, वही उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख बन गई. उन्होंने समझाया कि असली डर बाहर की चीजों में नहीं होता, बल्कि हमारे मन और हमारी कल्पना में होता है. राहुल गांधी ने कहा कि उनकी दादी ने उन्हें सिखाया कि डर से भागना नहीं, बल्कि उसका सामना करना चाहिए. यही सीख आज भी उनके साथ है और इसी सोच के साथ महिलाओं को उनका अधिकार देना जरूरी है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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