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Gallup Survey Results: डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में अमेरिका का प्रभाव बढ़ने के बजाय लगातार घट रहा है. दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद ट्रंप ने टैरिफ वॉर शुरू कर दी. इसके तहत प्रतिद्वंद्वी के साथ ही मित्र देशों पर भी रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा की तर्ज पर टैक्स) लगाया गया. इससे पूरी दुनिया उबर भी नहीं सकी थी कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया. इसका असर अब पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है.
शी जिनपिंग के लीडरशिप में चीन हर दिन नया इतिहास लिख रहा है. अब अप्रूवल रेटिंग में बीजिंग ने अमेरिका को पछाड़ दिया है. (फाइल फोटो/Reuters)
Gallup Survey Results: ईरान जंग ने अमेरिकी प्रभुत्व और उसकी साख को गहरा धक्का पहुंचाया है. यह डोनाल्ड ट्रंप के लीडरशिप के लिए लिटमस टेस्ट साबित हो रहा है. युद्ध खत्म करने को लेकर नियमित अंतराल पर घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिखाई देता है. पिछले दिनों अमेरिका ने दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान किया था, लेकिन इजरायल ने लेबनान पर एरियल अटैक कर तकरीबन 250 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इससे ताजा संघर्षविराम की विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है. ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया पहले से ही परेशान थी, वेस्ट एशिया में तनाव ने आग में घी डालने जैसा काम किया है. इस बीच, अमेरिका की साख को हिलाने वाली एक और रिपोर्ट सामने आई है. एक सर्वे के नतीजों पर यदि भरोसा किया जाए तो अब अमेरिका की बादशाहत खत्म समझिए. ताजा ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग में अमेरिका अपने कट्टर दुश्मन चीन से पिछड़ गया है. बीजिंग नंबर वन पर आ गया है. शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ने नया इतिहास रचा है. सर्वे की रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब पश्चिम एशिया भीषण जंग की आग में जल रहा है, जिसकी शुरुआत अमेरिका ने ही की है.
साल 2025 में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की स्वीकार्यता (approval Ratings) को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है. अमेरिकी सर्वे एजेंसी Gallup के ताजा सर्वे के अनुसार, चीन (China) ने अमेरिका को पछाड़ते हुए ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग में बढ़त हासिल कर ली है. सर्वे में चीन को 36 प्रतिशत और अमेरिका को 31 प्रतिशत की अप्रूवल रेटिंग मिली है. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के नेतृत्व में यह बढ़त पिछले लगभग 20 वर्षों में सबसे बड़ी मानी जा रही है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ा है, जिसका असर सीधे रेटिंग पर पड़ा है. अमेरिका के प्रति अस्वीकृति दर 48 प्रतिशत तक पहुंच गई (जो अब तक का उच्चतम स्तर है), जबकि चीन की अस्वीकृति दर 37 प्रतिशत पर स्थिर रही.
अमेरिका के इमेज में गिरावट, चीन में सुधार
सर्वे से यह भी स्पष्ट हुआ कि जहां एक ओर अमेरिका की वैश्विक छवि में गिरावट आई है, वहीं चीन की स्थिति में सुधार हुआ है. 2024 में अमेरिका की अप्रूवल रेटिंग 39 प्रतिशत थी, जो 2025 में घटकर 31 प्रतिशत रह गई. इसके उलट, चीन की रेटिंग 32 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई. Gallup World Poll के तहत हर साल 130 से अधिक देशों में लोगों से चार प्रमुख शक्तियों (अमेरिका, चीन, रूस और जर्मनी) के नेतृत्व को लेकर राय ली जाती है. इस सर्वे के नतीजे इसी व्यापक अध्ययन पर आधारित हैं.
रूस किस स्थान पर
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह सर्वे 2026 की शुरुआत में हुई कुछ बड़ी वैश्विक घटनाओं से पहले किया गया था. इनमें अमेरिका का जनवरी 2026 में 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर निकलने का फैसला और फरवरी के अंत में ईरान के साथ युद्ध जैसे घटनाक्रम शामिल हैं, जिनका असर भविष्य के सर्वे में दिखाई दे सकता है. दिलचस्प बात यह है कि जर्मनी (Germany) ने लगातार नौवें साल सबसे अधिक सकारात्मक रेटिंग हासिल की है. 2025 में जर्मनी को 48 प्रतिशत अप्रूवल मिला, जो इसे शीर्ष पर बनाए रखता है. वहीं, रूस की अप्रूवल रेटिंग 26 प्रतिशत दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और देशों की नीतियों का सीधा असर वैश्विक धारणा पर पड़ता है, और आने वाले समय में यह रुझान और भी बदल सकता है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें


