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Iran War Ceasefire Reason: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के लिए पाकिस्तान ने ‘फ्लैटरी डिप्लोमेसी’ अपनाई. उसने रिश्तों, पहुंच और चापलूसी का ऐसा मिश्रण तैयार किया, जो इस जंग के एक्टर्स (अमेरिका और ईरान) पर काम कर गया. कूटनीतिक का यह मॉडल कितना टिकाऊ है, यह आने वाला समय बताएगा. फिलहाल पाकिस्तान ने यह साबित किया है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चापलूसी, चालाकी और टाइमिंग बहुत मायने रखती है.
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा से पहले दो फोन कॉल किए थे. (Photo : The White House/File)
नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग बुधवार तड़के अचानक रुक गई. ईरान और अमेरिका, दोनों ही अब अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. इस जंग ने दुनिया के हर कोने को प्रभावित किया था. पाकिस्तान ने इस संघर्ष में शांतिदूत की भूमिका निभाकर सबको हैरान कर दिया है. इस समझौते ने छह हफ्ते से जारी उस लड़ाई पर लगाम लगा दी है, जिसने 12 देशों में तबाही मचाई थी. ईरान में ही 1,600 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं. दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी थी जहां से वापसी मुमकिन नहीं लग रही थी, लेकिन पाकिस्तान ने ‘ऑफ-रैंप’ तैयार कर दिया.
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