अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन केन (Dan Caine) ने व्हाइट हाउस के पोडियम से दुनिया को एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने कहा, अमेरिका अपने योद्धाओं को दुनिया में कहीं भी, किसी भी परिस्थिति में और जब भी हम चाहें, वापस ले आएगा. सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने कहा- हम अपने पायलट को रेत में एक-एक कण की तरह ढूंढ रहे थे, हमें पता था हम उसे तलाश लेंगे.
सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने सोमवार को व्हाइट हाउस में खुलासा किया कि ईरान में गिरे विमान के चालक दल के सदस्य को ढूंढना रेगिस्तान में रेत के एक दाने को खोजने जैसा चुनौतीपूर्ण था. रैटक्लिफ के अनुसार, यह समय के खिलाफ एक दौड़ थी, जिसमें सीआईए ने ईरान को गुमराह करने के लिए एक भ्रामक अभियान चलाया. शनिवार सुबह ‘ह्यूमन और टेक्निकल एसेट्स’ के जरिए पुष्टि हुई कि जवान जीवित है और एक पहाड़ी की दरार में छिपा है. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ‘नो-फेल’ रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया. रैटक्लिफ ने गर्व से कहा कि अमेरिकी सेना की परंपरा है कि वे अपने किसी भी साथी को पीछे नहीं छोड़ते.
पायलट की क्षमता तय करती है बहुत कुछ
डैन केन ने कहा, किसी भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे जरूरी होता है कि जो पायलट गिरा है, उसके अंदर जूझने की क्षमता कितनी है? उसके अंदर जिंदा रहने की इच्छा, वापस आने की इच्छा… यानी सबकुछ उसी पर निर्भर होता है. इस मामले में, हमें अपने पायलट से इसकी अटूट प्रतिबद्धता दिखी, इसी वजह से हम सफल हो पाए.
भारी गोलीबारी भी हुई
केन ने बताया कि बचाव अभियान के शुरुआती घंटों में एक अमेरिकी A-10 विमान पहले गिरे हुए पायलट की तलाश कर रहा था. इसी दौरान ईरान में मौजूद बंदूकधारियों ने विमान पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी. विमान को इतना नुकसान पहुंचा कि उसे पास के एक मित्र देश की ओर मुड़ना पड़ा, जहां पायलट ने सुरक्षित रूप से ‘इजेक्ट’ किया.
मलबे के बीच ‘चूहे-बिल्ली’ का खेल
पहले पायलट के मिलने के बाद, दूसरे चालक दल के सदस्य की तलाश जारी रही. यह एक दौड़ जैसी स्थिति थी क्योंकि एक तरफ अमेरिकी सेना अपने जवान को बचाने की कोशिश कर रही थी, तो दूसरी तरफ ईरानी सेना उसे बंधक बनाने के लिए अपना मिशन चला रही थी. अंततः, अमेरिकी जांबाजी के आगे ईरानी कोशिशें नाकाम रहीं.
‘एयर अरमाडा’ की सुरक्षा
डैन केन ने खुलासा किया कि पूरा बचाव मिशन ऊपर से एक विशाल ‘हवाई बेड़े’ द्वारा सुरक्षित किया गया था, ताकि ईरानी वायुसेना या जमीन से कोई हमला न हो सके. अब चालक दल के दोनों सदस्य सुरक्षित रूप से अमेरिकी सेना के पास वापस आ चुके हैं.


