विंढमगंज (सोनभद्र)। पवित्र रमजान माह के समापन के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार विंढमगंज क्षेत्र में हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। 30 दिनों के रोजे रखने के बाद 20 मार्च 2026 को शाम लगभग 6:20 बजे चांद दिखाई देने की पुष्टि हुई, जिसके साथ ही मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई।

ईद का पर्व 21 मार्च 2026 को मनाया गया। इस अवसर पर सुबह 9:00 बजे जामा मस्जिद विंढमगंज में ईद की नमाज अदा की गई। नमाज में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। नमाज अदा कराने में मौलाना रुस्तम अली तथा जामा मस्जिद के सदर सुहेल अहमद खान उर्फ नन्हे खान की प्रमुख भूमिका रही।

इस मौके पर केवल, मुडीसेमर, सलैयाडीह, घिवाही, बैरखड़ सहित आसपास के कई गांवों से आए लोगों ने नमाज में शामिल होकर अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया।

ईद के इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों में विशेष पकवान बनाए और मेहमानों का स्वागत किया। बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया, जो नए कपड़े पहनकर ईद की खुशियां मनाते नजर आए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि ईद का त्योहार आपसी भाईचारे, प्रेम और एकता का प्रतीक है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करता है। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।



