शाम को विधि-विधान के साथ माँ काली की भव्य आरती संपन्न कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के पश्चात महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें मंदिर समिति के सभी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। प्रसाद वितरण के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से प्रसाद प्राप्त हो सका।

मंदिर के पुजारी श्री बबलू तिवारी जी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि का यह पर्व विशेष रूप से शक्ति उपासना का पर्व है। उन्होंने कहा कि नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी आठ दिनों तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से माँ काली मंदिर परिसर में नियमित रूप से आरती का आयोजन किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर माँ की आरती में शामिल हों और इस पावन पर्व को सफल बनाएं।

मंदिर परिसर में सुरक्षा और साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना दिया है, और लोग पूरे उत्साह के साथ नवरात्रि पर्व का आनंद ले रहे हैं।


