Gordan Greenidge ki sangharsh bhari kahani: 8 साल की उम्र में मां का बिछोह, बचपन में पीठ पर खाद का बोरा ढोने की मजबूरी और स्कूल में नस्लवाद का दंश. गॉर्डन ग्रीनिज का जीवन किसी फिल्म से कम नहीं है. गरीबी की गलियों से निकलकर लॉर्ड्स के मैदान पर ऐतिहासिक दोहरा शतक जड़ने वाले ग्रीनिज दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट और वनडे दोनों में शतक जड़ा. यह कहानी एक मजदूर से क्रिकेट जगत का बेताज बादशाह बनने के उनके अदम्य साहस और संघर्ष की है.
—Advertisement—
बचपन में झेला मां का विछोह, पीठ पर ढोया खाद का बोरा, नस्लवाद के दंश और तंगहाली को पछाड़कर बना ‘रन मशीन’, बना डाले 37000 रन


—Advertisement—

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More









