

विंढ़मगंज सोनभद्र सरकारी जमीन को बचाने की आवाज उठाना अब अपराध जैसा बनता जा रहा है। विंढ़मगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बुटबेढ़वा में ऐसा ही एक चौंकाने वाला फिर मामला सामने आया है।ग्राम सभा की सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के विरोध में खड़े हुए ग्राम सभा सदस्यों और उनके प्रतिनिधियों को धमकी मिलने का आरोप लगा है। ग्राम सभा बुटबेढ़वा के सदस्य एवं कार्यसमिति अध्यक्ष विकास गुप्ता व मुन्ना पासवान ने आरोप लगाया है कि वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि उदय जायसवाल द्वारा, जांच के लिए लेखपाल के कहने पर मौके पर पहुंचे सदस्यों और ग्रामीणों को “देख लेने” की धमकी दी गई।विकास गुप्ता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी भी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में जिला अधिकारी को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत दी जाएगी, ताकि सभी की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिस सरकारी जमीन को बचाने की बात ग्राम सभा के सदस्य और प्रतिनिधि कर रहे हैं, उसी मामले में क्षेत्रीय लेखपाल और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। वहीं सुषमा केसरी ने भी बाजार मे चारों तरफ अतिक्रमण होने की लेखपाल से शिकायत की,अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी जमीन की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर है, वही संदेह के घेरे में हों, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे?यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता की एक बड़ी परीक्षा बन चुका है। यदि समय रहते उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो इससे सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को बढ़ावा मिलने का संदेश जाएगा और जनता का विश्वास भी प्रभावित होगा। वही मौके पर मौजूद लेखपाल सूददन ग्राम प्रतिनिधि बुटबेड़वा संजय गुप्ता,अमरेश भारती,संजीत गुप्ता दीपक गुप्ता,मुन्ना यादव, अजय भारती, तुफैल अहमद,मुंशी पासवान, गुलाब बैठा,अजीत जायसवाल, संतोष रावत, पल्लू कुमार, सफीक अहमद, अविनाश अग्रवाल इत्यादि दर्जनों लोग मौके पर मौजूद रहे,


