पलामू के चैनपुर की महिलाओं ने ईंट-भट्टों पर मजदूरी छोड़ बकरी पालन को स्वरोजगार बनाया है. सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कुसमी और निर्मला देवी जैसी दर्जनों महिलाएं अब सालाना लाखों रुपये कमा रही हैं. वैज्ञानिक देखभाल और बेहतर चारे के दम पर यह व्यवसाय ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘एटीएम’ साबित हो रहा है.
पलामू के चैनपुर की महिलाओं ने ईंट-भट्टों पर मजदूरी छोड़ बकरी पालन को स्वरोजगार बनाया है. सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कुसमी और निर्मला देवी जैसी दर्जनों महिलाएं अब सालाना लाखों रुपये कमा रही हैं. वैज्ञानिक देखभाल और बेहतर चारे के दम पर यह व्यवसाय ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘एटीएम’ साबित हो रहा है.













