चमकती दुनिया के पीछे छिपी यह कहानी दर्द और संघर्ष से भरी है. एक समय ऐसा आया जब पिता की शराब की आदत ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया. हालात इतने खराब हुए कि करोड़ों की जायदाद बिक गई और घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई. गुजारा करने के लिए बेहद कम पैसों में दिन काटने पड़े. बचपन की ये मुश्किलें किसी भी बच्चे को तोड़ सकती थीं, लेकिन यहां इन्हीं हालातों ने एक जिद पैदा की, कुछ कर दिखाने की. आगे चलकर यही संघर्ष जिंदगी का सबसे बड़ा सबक बना और उसी ने सफलता की नींव रखी.चमकती दुनिया के पीछे छिपी यह कहानी दर्द और संघर्ष से भरी है. एक समय ऐसा आया जब पिता की शराब की आदत ने पूरे परिवार को बिखेर कर रख दिया. हालात इतने खराब हुए कि करोड़ों की जायदाद बिक गई और घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई. गुजारा करने के लिए बेहद कम पैसों में दिन काटने पड़े. बचपन की ये मुश्किलें किसी भी बच्चे को तोड़ सकती थीं, लेकिन यहां इन्हीं हालातों ने एक जिद पैदा की, कुछ कर दिखाने की. आगे चलकर यही संघर्ष जिंदगी का सबसे बड़ा सबक बना और उसी ने सफलता की नींव रखी.
—Advertisement—
पिता की शराब की लत ने बर्बाद किया बचपन, बिकी करोड़ों की प्रॉपर्टीज, 5 रुपये के किराए से चलता था घर


—Advertisement—

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More










