Palamu Leaf Compost: जिस पतझड़ को लोग सूखेपन और बेकार पत्तों का मौसम समझते थे. वहीं, अब ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई का सुनहरा मौका बन गया है. पेड़ों से गिरने वाले सूखे पत्ते, जिन्हें पहले लोग जला देते थे या कचरा समझकर फेंक देते थे. अब पलामू, गढ़वा और लातेहार के जंगल क्षेत्रों में रोजगार और हरियाली दोनों का आधार बन चुके हैं. इन पत्तों से महिलाएं हर्बल कंपोस्ट तैयार कर रही हैं, जिसकी मांग अब झारखंड से निकलकर नोएडा, हरियाणा समेत कई राज्यों तक पहुंच गई है.
Palamu Leaf Compost: जिस पतझड़ को लोग सूखेपन और बेकार पत्तों का मौसम समझते थे. वहीं, अब ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई का सुनहरा मौका बन गया है. पेड़ों से गिरने वाले सूखे पत्ते, जिन्हें पहले लोग जला देते थे या कचरा समझकर फेंक देते थे. अब पलामू, गढ़वा और लातेहार के जंगल क्षेत्रों में रोजगार और हरियाली दोनों का आधार बन चुके हैं. इन पत्तों से महिलाएं हर्बल कंपोस्ट तैयार कर रही हैं, जिसकी मांग अब झारखंड से निकलकर नोएडा, हरियाणा समेत कई राज्यों तक पहुंच गई है.













