अमेरिका में बंदूक खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव हो सकता है. अमेरिकी ब्यूरो ऑफ अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स एंड एक्सप्लोसिव्स ने एक नया प्रस्ताव रखा है. इसके तहत लाइसेंस वाले बंदूक विक्रेता योग्य खरीदारों के घर तक सीधे हथियार पहुंचा सकेंगे.
अभी क्या नियम है?
फिलहाल अमेरिका में अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन बंदूक खरीदता है, तो उसे हथियार लेने के लिए लाइसेंस्ड गन डीलर की दुकान पर जाना पड़ता है. वहीं उसकी पहचान की जांच और बैकग्राउंड चेक पूरा किया जाता है.
नए प्रस्ताव में क्या होगा?
अगर यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो योग्य खरीदारों को दुकान जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्हें ऑनलाइन अपनी पहचान वेरीफाई करनी होगी, बैकग्राउंड चेक पास करना होगा. इसके बाद सात दिन का इंतजार करना होगा और लोकल पुलिस को इसकी जानकारी दी जाएगी. इसके बाद बंदूक सीधे उनके घर भेजी जा सकेगी. एटीएफ का कहना है कि इससे खरीद आसान होगी. इससे लोगों का समय बचेगा.
ट्रंप जूनियर का नाम क्यों चर्चा में है?
इस प्रस्ताव के बाद डोनाल्ड ट्रंप जूनियर का नाम भी चर्चा में आ गया है. वह ऑनलाइन हथियार बेचने वाली कंपनी ग्रैबएगन के बोर्ड सदस्य और बड़े हिस्सेदार हैं. इस कंपनी को अक्सर बंदूकों का अमेजन कहा जाता है. कई लोगों का मानना है कि अगर घर तक बंदूक पहुंचाने की अनुमति मिल जाती है, तो ऐसी ऑनलाइन कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है.
हालांकि, ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता एंड्रयू सुराबियन ने साफ कहा है कि इस प्रस्ताव को तैयार करने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. कंपनी के सीईओ मार्क नेमाती ने भी कहा कि उन्हें पहले से इस प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी.
छोटे गन स्टोर क्यों चिंतित हैं?
अमेरिका की कई छोटी बंदूक दुकानें ऑनलाइन खरीदी गई बंदूकों की डिलीवरी और अंतिम जांच के बदले फीस कमाती हैं. उनका कहना है कि अगर बंदूकें सीधे घर पहुंचने लगीं, तो ग्राहक दुकानों पर कम आएंगे. इससे उनकी कमाई के साथ-साथ गोला-बारूद और दूसरे सामान की बिक्री भी प्रभावित हो सकती है.
कुछ दुकानदारों का यह भी कहना है कि आमने-सामने की जांच के दौरान संदिग्ध व्यवहार को पहचानना आसान होता है, जो ऑनलाइन प्रक्रिया में संभव नहीं है.
हालांकि विडंबना देखिए कि अभी भी चर्चा हो रही है गन ऑनलाइन या ऑफलाइन बिकनी चाहिए. साल 2025 में अमेरिका में 408 मास शूटिंग की घटनाएं हुईं. इन घटनाओं में 395 लोगों की मौत हुई और 1867 लोग घायल हुए. द् ट्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 में अमेरिका में करीब 1.47 करोड़ बंदूकें खरीदी गईं.
ATF का क्या कहना है?
ATF का कहना है कि नई ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली मौजूदा प्रक्रिया जितनी, बल्कि उससे भी ज्यादा सुरक्षित हो सकती है. एजेंसी का मानना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए पहचान और बैकग्राउंड चेक बेहतर तरीके से किए जा सकते हैं.
अभी लागू नहीं हुआ है नियम
फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है. इस पर अगस्त की शुरुआत तक लोगों से राय मांगी जा रही है. इसके बाद ATF तय करेगा कि इसे लागू करना है, इसमें बदलाव करना है या इसे रद्द करना है.
अगर प्रस्ताव मंजूर भी हो जाता है, तो नए नियम 2026 के आखिर या उसके बाद ही लागू होने की संभावना है. तब तक अमेरिका में ऑनलाइन बंदूक खरीदने वालों को पुराने नियमों के तहत ही लाइसेंस प्राप्त डीलर से अपनी बंदूक लेनी होगी.












