रांची के चिरौंदी गांव की महिला किसान उर्मिला ने खीरे की खेती से अपनी तकदीर बदल दी है. एक एकड़ जमीन पर खेती कर वे तीन महीने में डेढ़ से पौने दो लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रही हैं. उर्मिला मल्चिंग तकनीक का उपयोग करती हैं, जिससे पानी की बचत और खरपतवार पर नियंत्रण रहता है. फसल को कीड़ों और दीमक से बचाने के लिए वे करंज खली, चूना और यूरिया के मिश्रण का देसी नुस्खा अपनाती हैं. बढ़ती गर्मी को देखते हुए वे दिन में तीन बार सिंचाई और हर महीने गोबर व केंचुआ खाद का प्रयोग करती हैं. उनकी यह सफलता आधुनिक तकनीक और कड़ी मेहनत का सटीक उदाहरण है.
रांची के चिरौंदी गांव की महिला किसान उर्मिला ने खीरे की खेती से अपनी तकदीर बदल दी है. एक एकड़ जमीन पर खेती कर वे तीन महीने में डेढ़ से पौने दो लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रही हैं. उर्मिला मल्चिंग तकनीक का उपयोग करती हैं, जिससे पानी की बचत और खरपतवार पर नियंत्रण रहता है. फसल को कीड़ों और दीमक से बचाने के लिए वे करंज खली, चूना और यूरिया के मिश्रण का देसी नुस्खा अपनाती हैं. बढ़ती गर्मी को देखते हुए वे दिन में तीन बार सिंचाई और हर महीने गोबर व केंचुआ खाद का प्रयोग करती हैं. उनकी यह सफलता आधुनिक तकनीक और कड़ी मेहनत का सटीक उदाहरण है.












