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ईरान पर बराक ओबामा की वो ‘गलती’ क्या थी, जिसे लेकर डोनाल्‍ड ट्रंप ने खूब सुनाया – Iran nuclear deal America President Donald Trump barack Obama

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Published On: April 2, 2026

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Donald Trump Iran War: अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्र्रंप के तमाम दावों कि बावजूद ईरान जंग लगातार जारी है. पूरा अरब जगत इसकी चपेट में है. युद्ध के कारण होर्मुज स्‍ट्रेट के बाधित होने से एनर्जी क्राइसिस की स्थिति पैदा हो चुकी है. ईरान की तरफ से जवाबी हमले में ऑयल और गैस रिफाइनरियों पर भी अटैक किए जा रहे हैं. इससे हालात और भी ब‍िगड़ गए हैं.

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ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने बराक ओबामा को खूब खरी-खोटी सुनाया है. (फाइल फोटो)

Donald Trump Iran War: अमेरिका और इजरायल ने सोचा था कि ईरान पर अटैक कर उसे कुछ ही दिनों में निपटा दिया जाएगा. लेकिन तेहरान ने जिस तरह से पलटवार किया है, उससे अमेरिका के पॉलिसी मेकर्स को अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. ईरान को जितना आसान टार्गेट समझा जा रहा था, वह उसे कहीं ज्‍यादा मजबूत निकला. तेहरान की तरफ से एनर्जी कॉरिडोर होर्मुज स्‍ट्रेट को जिस तरह से बाधित किया गया, उससे दुनिया की बनी-बनाई व्‍यवस्‍था चरमरा गई है. अब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप दूसरा ही राग अलापने लगे हैं. उन्‍होंने पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा को टार्गेट पर ले लिया है. ट्रंप ने राष्‍ट्र के नाम अपने संबोधन में साल 2015 के ईरान न्‍यूक्‍ल‍ियर डील का उल्‍लेख करते हुए ओबामा पर तीखा तंज कसा है. उन्‍होंने कहा कि ईरान हमपर हंस रहा था और हमें गर्व है कि हमने उसे (परमाणु करार) दुरुस्‍त किया.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान नीति को लेकर पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama पर निशाना साधा है. राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने ईरान के साथ समझौता कर गलती की थी, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल में सुधारने का काम किया. दरअसल, ट्रंप का यह बयान 2015 में हुए परमाणु समझौते Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) के संदर्भ में दिया गया. ईरान जंग में उलझे ट्रंप ने कहा कि इस डील के बाद ईरान हम पर हंस रहा था और अमेरिका तेहरान से सम्मान हासिल करने के लिए खूब पैसा खर्च किया. अब सवाल उठता है बराक ओबामा के कार्यकाल में ईरान के साथ जो एटमी डील की गई थी, क्‍या वह तेहरा के पक्ष में था?

क्‍या है 2015 की व‍ह डील?

Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) एक अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौता है, जिसे 2015 में ईरान और दुनिया की प्रमुख शक्तियों के बीच किया गया था. इसमें अमेरिका के साथ ही ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन और जर्मनी जैसी महाशक्तियां शामिल थीं. इसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देना था. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशंका थी कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. JCPOA के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि ईरान केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ही परमाणु तकनीक का इस्तेमाल करे और हथियार विकसित न करे. डोनाल्‍ड ट्रंप की राय इससे दीगर है. वे ईरान को किसी भी तरह के परमाणु तकनीक से वंचित करने के हिमायती हैं. यही वजह है कि ओबामा के कार्यकाल के दौरान ईरान के साथ हुए परमाणु डील का ट्रंप विरोधी रहे हैं.

ईरान को क्या मिला?

ओबामा कार्यकाल में किए गए करार के तहत ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को सीमित करना था, उन्नत सेंट्रीफ्यूज की संख्या घटानी थी और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने परमाणु ठिकानों की नियमित जांच की अनुमति देनी थी. इससे उसके परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी मजबूत हो गई थी. इस समझौते के तहत ईरान पर लगे कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंध हटाए गए. इससे उसे वैश्विक व्यापार, तेल निर्यात और वित्तीय लेन-देन में राहत मिली, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा मिला.

अमेरिका इस समझौते से क्यों बाहर हुआ?

2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने JCPOA से बाहर होने का ऐलान किया था. उनका तर्क था कि यह समझौता ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को नहीं रोकता और इसकी शर्तें पर्याप्त सख्त नहीं हैं. अमेरिका के हटने के बाद ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगाए गए. इसके जवाब में ईरान ने भी समझौते की कई शर्तों का पालन धीरे-धीरे कम कर दिया, जैसे कि यूरेनियम संवर्धन की सीमा बढ़ाना.

मौजूदा स्थिति क्‍या है?

तकनीकी रूप से समझौता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह गंभीर संकट में है. कई दौर की वार्ताओं के बावजूद इसे पूरी तरह पुनर्जीवित नहीं किया जा सका है. ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बना हुआ है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर अविश्वास कायम है और नई वार्ताओं की कोशिशें समय-समय पर होती रहती हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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