Mushroom Farming Success Story: छपरा की लालती देवी ने साबित कर दिया है कि अगर तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही तालमेल हो, तो घर की चारदीवारी से निकलकर सफलता के शिखर तक पहुँचा जा सकता है. सारण जिले के एकमा की रहने वाली लालती देवी जो कभी पति की ऑटो ड्राइविंग से होने वाली सीमित आय पर निर्भर थीं, आज मशरूम क्वीन के रूप में नई पहचान बना चुकी हैं. लालती की किस्मत तब बदली जब उन्होंने यूट्यूब पर मशरूम और उससे बने उत्पादों का वीडियो देखा. जीविका से जुड़कर ₹50 हजार का लोन लिया और मशरूम की खेती शुरू कर दी. आज वे केवल मशरूम ही नहीं, बल्कि उसके पापड़, अचार, बिस्किट और पाउडर बनाकर सोनपुर मेले से लेकर पटना के गांधी मैदान तक अपने स्टॉल लगाती हैं. सीजनल खेती से भी लालती साल के ₹1.5 से 2 लाख तक कमा रही हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने अपने साथ 5 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है. अब उनका सपना AC यूनिट लगाकर साल भर उत्पादन करना है, ताकि वे अपने इस ‘डिजिटल स्टार्टअप’ को और बड़ा विस्तार दे सकें.
Mushroom Farming Success Story: छपरा की लालती देवी ने साबित कर दिया है कि अगर तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही तालमेल हो, तो घर की चारदीवारी से निकलकर सफलता के शिखर तक पहुँचा जा सकता है. सारण जिले के एकमा की रहने वाली लालती देवी जो कभी पति की ऑटो ड्राइविंग से होने वाली सीमित आय पर निर्भर थीं, आज मशरूम क्वीन के रूप में नई पहचान बना चुकी हैं. लालती की किस्मत तब बदली जब उन्होंने यूट्यूब पर मशरूम और उससे बने उत्पादों का वीडियो देखा. जीविका से जुड़कर ₹50 हजार का लोन लिया और मशरूम की खेती शुरू कर दी. आज वे केवल मशरूम ही नहीं, बल्कि उसके पापड़, अचार, बिस्किट और पाउडर बनाकर सोनपुर मेले से लेकर पटना के गांधी मैदान तक अपने स्टॉल लगाती हैं. सीजनल खेती से भी लालती साल के ₹1.5 से 2 लाख तक कमा रही हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने अपने साथ 5 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है. अब उनका सपना AC यूनिट लगाकर साल भर उत्पादन करना है, ताकि वे अपने इस ‘डिजिटल स्टार्टअप’ को और बड़ा विस्तार दे सकें.













