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Video: मात्र 25 डिसमिल जमीन और हर सुबह ₹600 की कमाई! इस किसान से सीखें खेती का स्मार्ट फॉर्मूला

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By Vikash Raghuwanshi Editor
Published On: April 9, 2026

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Small Land High Income Farming Tips: रांची के कांके ब्लॉक में कम जमीन से ज्यादा कमाई का नया मॉडल किसानों के लिए मिसाल बन रहा है. किसान चरण महतो सिर्फ 25 डिसमिल जमीन पर बथुआ, पालक और प्याज की मिश्रित खेती कर रोज 500-600 रुपए कमा रहे हैं. खास बात यह है कि वह रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर नहीं हैं. महतो मिट्टी में चूना, गोबर, कछुआ खाद और थोड़ी दाप मिलाकर हल्की, भुरभुरी मिट्टी तैयार करते हैं. पौधे की जड़ों में नीम तेल घोलकर डालने से कीट अपने आप दूर रहते हैं. खेत के किनारे प्याज और बीच-बीच में लहसुन की कलियां लगाने से उनकी तेज सुगंध कीड़े भगाने में मदद करती है. अच्छी धूप वाली, पानीरहित जगह चुनकर वह हर 15-20 दिन में पालक और बथुआ की तुड़ाई कर लेते हैं. रोजाना करीब 10 किलो पालक, 15 किलो बथुआ और 15 किलो प्याज सुबह-सुबह सीधे बाजार भेजकर ताजा सब्जी के प्रीमियम दाम पा रहे हैं. यह मॉडल कम लागत, कम रसायन और नियमित आमदनी का व्यावहारिक उदाहरण है.

​Small Land High Income Farming Tips: रांची के कांके ब्लॉक में कम जमीन से ज्यादा कमाई का नया मॉडल किसानों के लिए मिसाल बन रहा है. किसान चरण महतो सिर्फ 25 डिसमिल जमीन पर बथुआ, पालक और प्याज की मिश्रित खेती कर रोज 500-600 रुपए कमा रहे हैं. खास बात यह है कि वह रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर नहीं हैं. महतो मिट्टी में चूना, गोबर, कछुआ खाद और थोड़ी दाप मिलाकर हल्की, भुरभुरी मिट्टी तैयार करते हैं. पौधे की जड़ों में नीम तेल घोलकर डालने से कीट अपने आप दूर रहते हैं. खेत के किनारे प्याज और बीच-बीच में लहसुन की कलियां लगाने से उनकी तेज सुगंध कीड़े भगाने में मदद करती है. अच्छी धूप वाली, पानीरहित जगह चुनकर वह हर 15-20 दिन में पालक और बथुआ की तुड़ाई कर लेते हैं. रोजाना करीब 10 किलो पालक, 15 किलो बथुआ और 15 किलो प्याज सुबह-सुबह सीधे बाजार भेजकर ताजा सब्जी के प्रीमियम दाम पा रहे हैं. यह मॉडल कम लागत, कम रसायन और नियमित आमदनी का व्यावहारिक उदाहरण है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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