Womens Success Story: पलामू की अनीता देवी ने पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक का ऐसा मेल कराया है कि लोग दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं. झारखंड के सतबरवा की रहने वाली इस हुनरमंद महिला ने ‘ब्लूटूथ चूड़ी’ तैयार की है, जो न केवल सजने-संवरने के काम आती है, बल्कि मोबाइल से कनेक्ट होकर गाने भी सुनाती है. महज 600 रुपये की कीमत वाली यह अनोखी चूड़ी एक बार चार्ज करने पर 6 घंटे का बैकअप देती है. इसमें लगी रंग-बिरंगी लाइटों को मोबाइल से कंट्रोल किया जा सकता है, जो शादियों और पार्टियों में आकर्षण का केंद्र बन रही हैं. जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी अनीता ने इसके लिए कोलकाता जाकर विशेष तकनीकी प्रशिक्षण लिया. अनीता देवी की यह पहल साबित करती है कि अगर ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन मिले, तो वे परंपरा को तकनीक से जोड़कर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकती हैं. उनकी ‘स्मार्ट चूड़ी’ आज न केवल फैशन स्टेटमेंट है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और नवाचार (Innovation) की एक शानदार मिसाल भी है.
Womens Success Story: पलामू की अनीता देवी ने पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक का ऐसा मेल कराया है कि लोग दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं. झारखंड के सतबरवा की रहने वाली इस हुनरमंद महिला ने ‘ब्लूटूथ चूड़ी’ तैयार की है, जो न केवल सजने-संवरने के काम आती है, बल्कि मोबाइल से कनेक्ट होकर गाने भी सुनाती है. महज 600 रुपये की कीमत वाली यह अनोखी चूड़ी एक बार चार्ज करने पर 6 घंटे का बैकअप देती है. इसमें लगी रंग-बिरंगी लाइटों को मोबाइल से कंट्रोल किया जा सकता है, जो शादियों और पार्टियों में आकर्षण का केंद्र बन रही हैं. जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी अनीता ने इसके लिए कोलकाता जाकर विशेष तकनीकी प्रशिक्षण लिया. अनीता देवी की यह पहल साबित करती है कि अगर ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन मिले, तो वे परंपरा को तकनीक से जोड़कर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकती हैं. उनकी ‘स्मार्ट चूड़ी’ आज न केवल फैशन स्टेटमेंट है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और नवाचार (Innovation) की एक शानदार मिसाल भी है.


