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Video: कुदरत का करिश्मा या विज्ञान? 60 फीट ऊंचे पीपल के सीने को चीरकर निकला ताड़, देखें लिविंग अजूबा

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Published On: May 10, 2026

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Unique Peepal Palm Tree: अक्सर प्रकृति अपनी कलाकारी से इंसानों को हैरान कर देती है. ऐसा ही एक अद्भुत नजारा पूर्णिया के रामबाग स्थित भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में देखने को मिल रहा है. जहां एक विशालकाय पीपल के पेड़ के ठीक बीचों-बीच ताड़ का पेड़ फल-फूल रहा है. 60 फीट ऊंचे इस दो बदन एक जान वाले पेड़ को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं. आमतौर पर इसे दैवीय चमत्कार माना जाता है. लेकिन कृषि विशेषज्ञ डॉ.डी.के. भारती ने इसे वैज्ञानिक नजरिए से स्पष्ट किया है. उन्होंने बताया कि यह कुदरत का को-एग्ज़िस्टेंस’ (सह-अस्तित्व) है. दरअसल, यहां पहले ताड़ का पेड़ था. किसी पक्षी द्वारा पीपल का बीज ताड़ के पत्तों पर छोड़े जाने के बाद, पीपल वहीं अंकुरित हो गया. अपनी तेज विकास दर के कारण पीपल ने धीरे-धीरे ताड़ के तने को चारों ओर से जकड़ लिया. जिससे अब यह पीपल के पेट से निकलता हुआ दिखाई देता है. यह अनोखा पेड़ न केवल आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह बताता है कि कैसे दो अलग स्वभाव की वनस्पतियां एक साथ पर्यावरण को शुद्ध कर रही हैं.

​Unique Peepal Palm Tree: अक्सर प्रकृति अपनी कलाकारी से इंसानों को हैरान कर देती है. ऐसा ही एक अद्भुत नजारा पूर्णिया के रामबाग स्थित भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में देखने को मिल रहा है. जहां एक विशालकाय पीपल के पेड़ के ठीक बीचों-बीच ताड़ का पेड़ फल-फूल रहा है. 60 फीट ऊंचे इस दो बदन एक जान वाले पेड़ को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं. आमतौर पर इसे दैवीय चमत्कार माना जाता है. लेकिन कृषि विशेषज्ञ डॉ.डी.के. भारती ने इसे वैज्ञानिक नजरिए से स्पष्ट किया है. उन्होंने बताया कि यह कुदरत का को-एग्ज़िस्टेंस’ (सह-अस्तित्व) है. दरअसल, यहां पहले ताड़ का पेड़ था. किसी पक्षी द्वारा पीपल का बीज ताड़ के पत्तों पर छोड़े जाने के बाद, पीपल वहीं अंकुरित हो गया. अपनी तेज विकास दर के कारण पीपल ने धीरे-धीरे ताड़ के तने को चारों ओर से जकड़ लिया. जिससे अब यह पीपल के पेट से निकलता हुआ दिखाई देता है. यह अनोखा पेड़ न केवल आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह बताता है कि कैसे दो अलग स्वभाव की वनस्पतियां एक साथ पर्यावरण को शुद्ध कर रही हैं.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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