गूगल के AI डेटा सेंटर के शिलान्यास समारोह के दौरान केंद्रीय रेल और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐसा बयान दिया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. अपने हल्के-फुल्के अंदाज़ में उन्होंने कहा कि अगर बुलेट ट्रेन जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें पूरी तरह लागू हो जाएं, तो भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार इतनी बढ़ सकती है कि लोग महसूस करेंगे जैसे ‘ट्रेन उड़ रही हो.’ मेरे पीएम और सीएम भी ऐसे ही हैं… उन्हें पसंद है कि ट्रेन उड़ रही हो. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज अमरावती से हैदराबाद का सफर तय करने में काफी समय लगता है, लेकिन भविष्य में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के साथ यही दूरी बेहद कम समय में पूरी की जा सकती है. वैष्णव ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि अगर तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर का सही मेल बैठ जाए, तो समय ऐसा आएगा जब ‘ट्रेनें हवा में उड़ती हुई लगेंगी.’ कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने इसे डिजिटल इंडिया और भविष्य की AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी से जोड़कर पेश किया
गूगल के AI डेटा सेंटर के शिलान्यास समारोह के दौरान केंद्रीय रेल और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐसा बयान दिया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. अपने हल्के-फुल्के अंदाज़ में उन्होंने कहा कि अगर बुलेट ट्रेन जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें पूरी तरह लागू हो जाएं, तो भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार इतनी बढ़ सकती है कि लोग महसूस करेंगे जैसे ‘ट्रेन उड़ रही हो.’ मेरे पीएम और सीएम भी ऐसे ही हैं… उन्हें पसंद है कि ट्रेन उड़ रही हो. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज अमरावती से हैदराबाद का सफर तय करने में काफी समय लगता है, लेकिन भविष्य में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के साथ यही दूरी बेहद कम समय में पूरी की जा सकती है. वैष्णव ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि अगर तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर का सही मेल बैठ जाए, तो समय ऐसा आएगा जब ‘ट्रेनें हवा में उड़ती हुई लगेंगी.’ कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने इसे डिजिटल इंडिया और भविष्य की AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी से जोड़कर पेश किया













