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वंदे भारत एक्सप्रेस में दही में जीवित कीड़े: यात्री की शिकायत पर रेलवे की सख्त कार्रवाई, IRCTC पर ₹10 लाख और वेंडर पर ₹50 लाख का जुर्माना, अनुबंध समाप्त

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By Vikash Raghuwanshi Editor
Published On: April 3, 2026

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2026: देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में खान-पान की गुणवत्ता को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 15 मार्च 2026 को ट्रेन नंबर 21896 (पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस) में एक यात्री को डिनर के साथ परोसी गई अमूल दही के पैकेट में जीवित कीड़े (मैगॉट्स/वर्म्स) मिलने की शिकायत के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया।

यात्री रितेश कुमार सिंह ने तुरंत घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें ट्रेन स्टाफ शुरू में इसे ‘केसर’ या अन्य चीज बताकर टालने की कोशिश करता दिख रहा था। वीडियो तेजी से वायरल हो गया और यात्री सुरक्षा तथा फूड सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

रेल मंत्रालय की त्वरित और सख्त कार्रवाई –

रेल मंत्रालय ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और जांच के बाद निम्नलिखित कदम उठाए:

IRCTC पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया।

संबंधित सर्विस प्रोवाइडर (वेंडर – कृष्णा एंटरप्राइजेज सहित अन्य) पर ₹50 लाख का भारी जुर्माना।

वेंडर का अनुबंध तुरंत समाप्त करने के आदेश दिए गए।

रेल मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, “यात्री सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए हैं।”

IRCTC ने भी अलग से जांच शुरू की और अमूल कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है। अमूल पक्ष का कहना है कि दही का निर्माण तारीख और एक्सपायरी मानक के अनुसार था, समस्या शायद हैंडलिंग या स्टोरेज में हो सकती है।

घटना का विवरण- 15 मार्च को ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री को डिनर के साथ पैकेज्ड अमूल दही सर्व की गई, जिसमें कीड़े तैरते हुए पाए गए। दही के पैकेट की उत्पादन तिथि मार्च की शुरुआत बताई जा रही है। यात्री ने शिकायत दर्ज कराई और वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने तुरंत संज्ञान लिया।

यह घटना वंदे भारत जैसी आधुनिक, हाई-स्पीड ट्रेन में होने के कारण ज्यादा चर्चित हुई, जहां यात्री महंगे किराए के बदले बेहतर सेवा की उम्मीद करते हैं।

विशेषज्ञों और यात्रियों की प्रतिक्रिया – रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अलग घटना नहीं है। पहले भी प्रीमियम ट्रेनों में खान-पान की गुणवत्ता, ताजगी और स्वच्छता को लेकर शिकायतें आती रही हैं। यात्री फोरम और सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि:

फूड सप्लाई चेन की सख्त निगरानी हो।

नियमित थर्ड-पार्टी फूड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किए जाएं।

वेंडर चयन और स्टाफ ट्रेनिंग में सुधार हो।

यात्री फीडबैक सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

आगे क्या? – रेल मंत्रालय ने IRCTC को निर्देश दिया है कि भविष्य में खाद्य पदार्थों की खरीद, स्टोरेज, हैंडलिंग और सर्विंग की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए। साथ ही, सभी वंदे भारत और अन्य प्रीमियम ट्रेनों में फूड क्वालिटी पर विशेष नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।

यह मामला यात्री भरोसे और सेहत से जुड़ा है। रेलवे की यह कार्रवाई जागरूकता बढ़ाने और सिस्टम में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ जुर्माने से काम नहीं चलेगा — निरंतर सुधार और निगरानी जरूरी है।

रेलवे का संदेश: “हम यात्री सेवा को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आपकी शिकायतें हमें मजबूत बनाती हैं।”

आपके विचार क्या हैं? क्या वंदे भारत जैसी ट्रेनों में खान-पान की व्यवस्था पर और सख्त मानक लगाने चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें।

(स्रोत: रेल मंत्रालय का आधिकारिक बयान, The Hindu, Indian Express, NDTV, Moneycontrol और अन्य प्रमुख समाचार एजेंसियां, मार्च-अप्रैल 2026)

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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