वॉशिंगटन: कैलिफोर्निया की कोचेला वैली और मैक्सिको सीमा के बीच, जहां धूल भरी गर्मी और रेगिस्तानी झाड़ियां खत्म होने का नाम नहीं लेतीं, वहीं मौजूद है दुनिया का सबसे नया और अनोखा माइक्रोनेशन ‘द रिपब्लिक ऑफ स्लोाजमास्तान’. ये 11 एकड़ में फैला एक ऐसा तानाशाही देश है, जिसे एक रेडियो डीजे ने अपनी सनक से खड़ा कर दिया है. आज इस ‘फर्जी तानाशाही’ के पास 25,000 से ज्यादा नागरिक हैं और इसके नियम इतने अतरंगी हैं जिसे सुनने वाले दंग रह जाते हैं.
सल्तनत के अजीबोगरीब कानून
स्लोाजमास्तान कोई आम देश नहीं है. यहां के संविधान में कुछ ऐसी पाबंदियां हैं जो शायद दुनिया में कहीं और नहीं मिलेंगी.
- Crocs पर बैन: इस देश में ‘Crocs’ चप्पल पहनना संवैधानिक रूप से वर्जित है.
- ईमेल का नियम: ऑफिस में होने वाली सबसे बड़ी झुंझलाहट यानी ‘Reply-all’ ईमेल करना यहां कानूनन अपराध है.
- स्पीडिंग की छूट: यहां तेज गाड़ी चलाने की इजाजत है, लेकिन सिर्फ एक शर्त पर, वो ये कि अगर आप Tacos लेकर घर जा रहे हों.
- राष्ट्रीय पशु: यहां का राष्ट्रीय पशु ‘रैकून’ है.
कौन है इस देश का ‘सुल्तान’?
इस अतरंगी देश के सर्वेसर्वा हैं रैंडी विलियम्स, जिन्हें दुनिया ‘सुल्तान ऑफ स्लोाजमास्तान’ के नाम से जानती है. रैंडी पेशे से सैन डिएगो में एक रेडियो प्रोग्राम डायरेक्टर हैं और लोकप्रिय शो ‘संडे नाइट स्लो जैम्स’ के होस्ट हैं.
पासपोर्ट, मुद्रा और अपनी सेना
स्लोाजमास्तान सिर्फ कागजों पर नहीं है. रैंडी ने इसे असली देश जैसा लुक देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. यहां एक अस्थाई बॉर्डर चेकपोस्ट, देश का झंडा और अपनी करेंसी भी है. ये देश अपने नागरिकों को बकायदा पासपोर्ट जारी करता है. यहां ‘SS Badassin’ नाम की एक पुरानी टूटी हुई पनडुब्बी खड़ी है, जिसे मजाक में देश की सुरक्षा के लिए ‘नौसेना’ बताया जाता है. सुल्तान ने खुद एल्टन जॉन के ‘रॉकेट मैन’ की धुन पर अपना राष्ट्रगान लिखा है.
नागरिकता बिल्कुल मुफ्त, लेकिन पद के लिए पैसे
इस देश की नागरिकता 120 देशों के लोगों ने ली है, जिसकी संख्या वेटिकन सिटी और पलाऊ जैसे असली देशों से भी ज्यादा है. कोई भी ऑनलाइन फॉर्म भरकर यहां का नागरिक बन सकता है. अगर आप अपने LinkedIn प्रोफाइल को मजबूत करना चाहते हैं, तो एक छोटी सी फीस देकर यहां के ‘सांसद’ या ‘राजदूत’ बन सकते हैं.
राजनीति से दूर, मस्ती-मजा करने का स्पॉट
रैंडी विलियम्स का कहना है कि आज की दुनिया राजनीति की वजह से बहुत बंट गई है. स्लोाजमास्तान उस तनाव से बचने का एक एक रास्ता है. यहां अपनी राजनीति के अलावा किसी भी तरह की वैश्विक राजनीति पर चर्चा मना है. लोग यहां सिर्फ मनोरंजन और खुश रहने के लिए जुड़ते हैं. साल 2027 में ये देश ‘MicroCon’ की मेजबानी भी करेगा, जहां दुनिया भर के माइक्रोनेशन के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
भले ही यह एक ‘फर्जी तानाशाही’ हो, लेकिन सुल्तान रैंडी के लिए यह लोगों को जोड़ने का एक अनोखा तरीका है. जैसा कि वे कहते हैं, ‘स्लोाजमास्तान हर किसी के लिए अलग मायने रखता है’.


