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US Iran War | जंग के नाम पर गुलछर्रे उड़ा रहा पेंटागन, खा गया 93.4 अरब डॉलर का सामान, एक लाख डॉलर तो केकड़े-मछली पर खर्च

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Published On: March 17, 2026

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ईरान के खिलाफ जारी जंग के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन के खर्च को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई, जिसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ऐसा लगता है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व में वेनेजुएला और ईरान पर हमले को लेकर पेंटागन में मंथन के नाम पर मानो आलीशान दावतें चल रही थीं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025 के आखिरी महीने में पेंटागन ने करीब 93.4 अरब डॉलर खर्च किए. इस खर्च में सैन्य जरूरतों के अलावा खाने-पीने की चीज़ों, महंगे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संगीत वाद्ययंत्र तक शामिल थे.

खाने-पीने पर ढाई लाख डॉलर खर्च

अमेरिकी अखबार द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी निगरानी संस्था ओपन द बुक की जांच में सामने आया कि सितंबर 2025 में ही पेंटागन ने 69 लाख डॉलर लॉब्स्टर टेल, 20 साथ डॉलर अलास्कन किंग क्रैब, 151 लाख डॉलर रिबआई स्टेक और लगभग 10 लाख डॉलर साल्मन फिश पर खर्च कर दिए. इसके अलावा 1.39 लाख डॉलर डोनट्स और करीब 1.24 लाख डॉलर आइसक्रीम मशीनों पर भी खर्च किए गए.

रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन ने सिर्फ खाने-पीने की चीजों पर ही नहीं, बल्कि दूसरे लग्ज़री सामानों पर भी भारी खर्च किया. एयरफोर्स चीफ के आवास के लिए लगभग 98 हजार डॉलर का स्टीनवे एंड सन्स ग्रैंड पियानो खरीदा गया. साथ ही 53 लाख डॉलर के एप्पल डिवाइस, लेटेस्ट आईपैड और दूसरे तकनीकी उपकरण भी खरीदे गए.

22.5 करोड़ के खरीदे फर्नीचर

इस दौरान फर्नीचर पर भी भारी रकम खर्च की गई. रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2025 में पेंटागन ने करीब 22.5 करोड़ डॉलर का फर्नीचर खरीदा, जिसमें महंगी कुर्सियां और लगभग 12,540 डॉलर के फ्रूट बास्केट स्टैंड तक शामिल थे.

इतने खर्च की वजह क्या?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के खर्च की एक बड़ी वजह अमेरिकी बजट प्रणाली का ‘यूज़ इट ऑर लूज़ इट’ नियम है. इसके तहत सरकारी विभागों को हर साल 30 सितंबर तक अपना आवंटित बजट खर्च करना होता है. अगर पैसा बच जाता है तो अगले वर्ष कांग्रेस उस विभाग का बजट कम कर सकती है. इसी कारण कई विभाग वित्तीय वर्ष के आखिरी महीनों में तेजी से खर्च करते हैं.

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका वैश्विक स्तर पर कई सैन्य अभियानों में हाथ जलाए बैठा है. हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला में एक सैन्य अभियान चलाया था और इसके बाद ईरान के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई की गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के साथ युद्ध के शुरुआती दो दिनों में ही अमेरिकी सेना ने लगभग 5.6 अरब डॉलर के हथियार इस्तेमाल किए.

इन खुलासों के बाद पेंटागन के खर्च पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. आलोचकों का कहना है कि करदाताओं के पैसे का इस तरह इस्तेमाल गंभीर सवाल खड़े करता है, जबकि रक्षा विभाग का तर्क है कि कई खर्च प्रशासनिक और लॉजिस्टिक जरूरतों से जुड़े होते हैं. फिलहाल इस मामले पर विस्तृत जांच और जवाबदेही की मांग बढ़ती जा रही है.

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