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Trump US-Iran hormuz Joint Venture : ईरान के साथ होर्मुज पर पार्टनरशिप करेंगे ट्रंप, प्राइवेट टोल गेट से पैसे कमाएगा US

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Published On: April 8, 2026

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ईरान के साथ हुए युद्धविराम के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अब एक ऐसा ‘बिजनेस बम’ फोड़ा है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं. ट्रंप ने प्रस्ताव दिया है कि अमेरिका और ईरान मिलकर होर्मुज की जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर एक ‘जॉइंट वेंचर’ बनाएंगे, जिसके तहत यहां से गुजरने वाले हर जहाज से करीब 16 करोड़ रुपये ($2 million) का भारी-भरकम ‘टोल टैक्स’ वसूला जाएगा. ट्रंप ने अपनी सिग्नेचर स्टाइल में इसे एक ‘ब्यूटिफुल थिंग’ बताया है.

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ईरान अमेरिका होर्मुज बिजनेस डील

वॉशिंगटन: ईरान के साथ सीजफायर डील के बाद ट्रंप सातवें आसमान पर हैं. अमेरिकी सरकार ने इस डील को ही अपनी जीत मान लिया है. ट्रंप प्रशासन से जुड़ा हर एक बंदा बहकी-बहकी बातें करता दिख रहा है. खुद ट्रंप भी इस मामले में पीछे नहीं है, होर्मुज कंट्रोल करने पर ईरान को अब तक टारगेट किया जाता था लेकिन अब खुद US इसमें पार्टनर बनने के सपने देख रहा है. ट्रंप अब होर्मुज टोल वसूली से पैसे कमाना चाहते हैं और उन्होंने मीडिया के सामने ऐलान किया है को वो इसमें ‘दुश्मन’ ईरान के साथ पार्टनशिप की प्लानिंग कर रहे हैं. ट्रंप इतने खुश हैं कि उन्होंने इसे ‘खूबसूरत चीज’ भी घोषित कर दिया है.

ट्रंप ने ईरान जंग को बनाया होर्मुज बिजनेस डील

जिस रास्ते से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, अब वहां से गुजरने के लिए जहाजों को ‘पर्ची’ कटानी पड़ सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज के साथ बातचीत में खुलासा किया कि अमेरिका और ईरान एक जॉइंट वेंचर पर विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने इसे अपनी ट्रेड मार्क स्टाइल में ‘ए ब्यूटीफुल थिंग’ कहा है. सरल भाषा में कहें तो, अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान मिलकर एक ‘प्राइवेट टोल गेट’ बनाने की तैयारी में हैं.

होर्मुज गेट पर 20 लाख डॉलर का ‘एंट्री टिकट’!

खबरों की मानें तो ईरान ने सीजफायर के बदले जो 10-सूत्रीय एजेंडा रखा है, उसमें हर जहाज से 2 मिलियन डॉलर यानी करीब 16 करोड़ रुपए वसूलने का प्रस्ताव है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका इस प्रॉसेस में ईरान का पार्टनर बनेगा ताकि इस रास्ते को ‘बाकी लोगों से सुरक्षित’ रखा जा सके.

किसे होगा फायदा: इस टोल से होने वाली कमाई का एक हिस्सा ओमान को मिलेगा, जबकि ईरान अपना हिस्सा युद्ध में तबाह हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने में लगाएगा.

दुनिया के लिए झटका: शिपिंग कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन इस ‘टैक्स’ से बुरी तरह डरे हुए हैं, क्योंकि इससे ग्लोबल मार्केट में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू सकती हैं.

ट्रंप का ‘बिजनेस माइंड’: युद्ध या व्यापार?

ट्रंप की इस चाल ने कूटनीतिज्ञों को हक्का-बक्का कर दिया है. जहां एक तरफ वे ईरान को सैन्य मदद देने वाले देशों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान के साथ मिलकर पैसे कमाने का प्लान भी बना रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि यह रास्ता सुरक्षित करने का सबसे बेहतरीन तरीका है. क्या ये वाकई शांति का नया फॉर्मूला है या फिर ट्रंप ने ईरान को एक ऐसे ‘बिजनेस पार्टनर’ में बदल दिया है जो अब अमेरिका की शर्तों पर चलेगा?

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें

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