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Trump party republican senators angry : Iran US War | ईरान में अब ट्रंप करेंगे नया कांड? सुनकर भड़के अपनी ही पार्टी के सांसद, सीक्रेट मीटिंग छोड़ भागे

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Published On: March 27, 2026

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘ईरान नीति’ को लेकर अब उनकी अपनी ही पार्टी, रिपब्लिकन के भीतर बगावत शुरू हो गई है. एक सीक्रेट ब्रीफिंग के दौरान जो खुलासे हुए, उसने अमेरिकी सांसदों के होश उड़ा दिए हैं और वे गुस्से में मीटिंग छोड़कर बाहर निकल आए.

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ईरान पर सीक्रेट मीटिंग के दौरान ट्रंप की पार्टी में बवाल

वॉशिंगटन: ईरान के साथ पीस टॉक की आड़ में ट्रंप कोई बड़ा खेल कर रहे हैं, उनकी सीक्रेट प्लानिंग का इशाका उन तमतमाए सांसदों के चेहरे पक दिखा जो ब्रीफिंग बीच में छोड़कर वॉक आउट कर गए. दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी संसद में एक क्लासिफाइड ब्रीफिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ. रिपब्लिकन सांसदों ने आरोप लगाया है कि ट्रंप, ईरान युद्ध के ऑब्जेक्टिव्स को लेकर देश को गुमराह कर रहे हैं. ‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग के अंदर की बातें इतनी चौंकाने वाली थीं कि सांसदों ने इसे ‘दिमाग उड़ा देने वाला’ बताया है.

‘हमसे झूठ बोला गया’ : रिपब्लिकन सांसद

प्रबल ट्रंप समर्थक माने जाने वाले माइक रोजर्स और तेजतर्रार सांसद नैन्सी मेस ब्रीफिंग के बीच से ही गुस्से में बाहर निकल आए. नैन्सी मेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अमेरिकी जनता को जो बताया जा रहा है और हमें जो ब्रीफिंग दी गई है, वे दोनों सैन्य उद्देश्य बिल्कुल अलग हैं’. सांसदों को डर है कि ट्रंप गुपचुप तरीके से ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी कर रहे हैं.

परमाणु लक्ष्य पर ‘पलटी’ मार रहा है पेंटागन?

मीटिंग के भीतर मौजूद एक सूत्र ने खुलासा किया कि पेंटागन ने अब सांसदों से कहा है कि ‘परमाणु ठिकानों को नष्ट करना’ अब उनका मुख्य सैन्य लक्ष्य नहीं है. ये व्हाइट हाउस के उन चार आधिकारिक लक्ष्यों से बिल्कुल अलग है जिसमें ईरान की मिसाइल, नेवी, प्रॉक्सी और परमाणु क्षमता को खत्म करना शामिल था. अब ट्रंप ‘रेजीम चेंज’ की रट लगाकर बैठे हैं.

खार्ग आइलैंड पर कब्जा

ईरान का 90% तेल एक्सपोर्ट करने वाला खार्ग आइलैंड इस समय युद्ध का सबसे बड़ा फ्लैशपॉइंट बना हुआ है. खबर है कि अमेरिका यहां अपनी सेना उतारने की फिराक में है, जिसके जवाब में ईरान ने पूरे द्वीप पर एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइन्स का जाल बिछा दिया है. अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यहां जमीनी कार्रवाई में भारी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे जा सकते हैं.

अरब डॉलर का भारी-भरकम बिल

युद्ध को लंबा खींचते देख ट्रंप प्रशासन संसद से 200 बिलियन डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपए के एक्स्ट्रा फंड की मांग करने वाला है. ये पेंटागन के पूरे सालाना बजट का पांचवां हिस्सा है. रिपब्लिकन सांसद इस भारी खर्च और अनिश्चित युद्ध को लेकर अब सवाल उठाने लगे हैं.

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें

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