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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सबसे भरोसेमंद सहयोगी और अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को पद से हटाकर वॉशिंगटन की राजनीति में हलचल मचा दी है. बोंडी, जिन्होंने 2020 के दौरान ट्रंप की ढाल बनकर काम किया था, अब राष्ट्रपति की नाराजगी का शिकार हो गई हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप मुख्य रूप से दो वजहों से नाखुश थे.
कौन है पाम बोंडी
वॉशिंगटन के सत्ता गलियारों में एक बार फिर भूचाल आ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सबसे भरोसेमंद और फायरब्रांड अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी (Pam Bondi) को पद से हटा दिया है. 2 अप्रैल 2026 को आई इस खबर ने सबको चौंका दिया क्योंकि बोंडी को ट्रंप का ‘दाहिना हाथ’ माना जाता था. क्रिस्टी नोएम के बाद बोंडी दूसरी ऐसी बड़ी कैबिनेट मंत्री हैं जिन्हें ट्रंप ने महज कुछ ही हफ्तों के भीतर बाहर का रास्ता दिखा दिया है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप की सबसे बड़ी वफादार रातों-रात उनकी आंखों की किरकिरी बन गई?
कौन हैं पाम बोंडी?
दिलचस्प बात ये है कि इस केस के लिए बोंडी ट्रंप की पहली पसंद नहीं थीं. मैट गेट्ज के हटने के बाद फरवरी 2025 में उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उन्हें ‘वफादारी की मिसाल’ माना जाता था, लेकिन 14 महीने बाद यह मिसाल टूट गई.
ट्रंप ने क्यों किया फायर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप लंबे समय से बोंडी से नाखुश थे. उनकी नाराजगी के पीछे दो वजहें बताई जा रही हैं.
- एपस्टीन फाइल्स का ‘झूठ’: बोंडी पर इस बात का भारी दबाव था कि वे कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स और उसकी ‘क्लाइंट लिस्ट’ को सार्वजनिक करें. बोंडी ने संकेत दिए थे कि ऐसी कोई लिस्ट मौजूद है लेकिन बाद में विभाग ने स्वीकार किया कि कोई खास ‘क्लाइंट लिस्ट’ नहीं मिली. जब 35 लाख पन्नों के दस्तावेज जारी किए गए तो उन पर आरोप लगा कि उन्होंने जानबूझकर ट्रंप से जुड़ी जानकारियों को छिपाया है, जिससे ट्रंप की छवि को नुकसान पहुंचा.
- विरोधियों पर ‘नरम’ रुख: ट्रंप चाहते थे कि बोंडी उनके राजनीतिक दुश्मनों जैसे न्यूयॉर्क एजी लेटिटिया जेम्स और पूर्व एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कोमी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करें और उन्हें जेल भेजें. बोंडी ने जांच तो शुरू की लेकिन वे कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाईं, जिससे ट्रंप को लगा कि बोंडी उतनी ‘आक्रामक’ नहीं हैं जितनी उन्हें जरूरत थी.
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पाम बोंडी से जुड़े बड़े विवाद
- डिपार्टमेंट का सफाया: बोंडी ने पद संभालते ही उन अधिकारियों को निकालना शुरू कर दिया जिन्हें वे ट्रंप के प्रति ‘गद्दार’ मानती थीं. इससे विभाग के अनुभवी वकीलों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए.
- सांसदों की बेइज्जती: फरवरी 2026 में एक सुनवाई के दौरान बोंडी ने सांसदों को ‘हारे हुए नेता’ और ‘पुराने पड़ चुके नेता’ कहकर सरेआम बेइज्जत किया था, जिससे उनकी काफी किरकिरी हुई.
- पुलिस सुधारों पर रोक: उन्होंने पुलिस की मनमानी की जांच करने वाले नागरिक अधिकार विभाग को लगभग बंद कर दिया, जिससे उनके विभाग के 70% स्टाफ ने विरोध में इस्तीफा दे दिया.
कौन है ट्रंप का नया अटॉर्नी जनरल?
ट्रंप ने टॉड ब्लैंच (Todd Blanche) को अंतरिम अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया है. चर्चा है कि ली जेल्डिन इस पद के अगले स्थायी दावेदार हो सकते हैं. पाम बोंडी की विदाई ये सबक देती है कि ट्रंप के दरबार में वफादारी का पैमाना सिर्फ ‘काम’ नहीं, बल्कि ‘नतीजे’ हैं. अगर आप ट्रंप के दुश्मनों को धूल नहीं चटा सकते, तो आपकी कुर्सी कभी भी खतरे में पड़ सकती है.
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Utkarsha Shrivastava is a seasoned digital journalist specializing in geo-politics, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 10 years of extensive experience in digital media, she has buil…और पढ़ें


