—Advertisement—

Sunil chhetri Gurpreet sandhu impassioned plea ISL to FIFA: भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री ने आईएसएल को बचाने के लिए फीफा से भावुक अपील की है.

Author Picture
Published On: March 17, 2026

—Advertisement—

नई दिल्ली: इंडियन सुपर लीग के अस्तित्व को बचाने के लिए खिलाड़ियों ने विश्व फुटबॉल की शीर्ष संस्था फीफा से भावुक अपील की है. सुनील छेत्री सहित भारतीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ियों और आईएसएल में खेलने वाले कई विदेशी खिलाड़ियों ने फीफा से आईएसएल के निलंबन पर हस्तक्षेप की मांग की. अभी तक आईएसएल का 2025-26 सत्र शुरू नहीं हो पाया है. ऐसे में सीनियर राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदेश झिंगन ने लंबे समय से बनी अनिश्चितता पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि भारतीय फुटबॉल स्थायी ठहराव की स्थिति में पहुंच रहा है.

गुरप्रीत ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संयुक्त वीडियो बयान में कहा, ‘‘जनवरी का महीना है और हमें इस वक्त आईएसएल के प्रतिस्पर्धी फुटबॉल मैचों में आपकी स्क्रीन पर होना चाहिए था.’’ झिंगन ने जोड़ा, ‘‘इसके बजाय हम डर और बेबसी के चलते वह बात कहने को मजबूर हैं, जिसे हम सभी जानते हैं.’’

AIFF अपनी जिम्मेदारियां निभाने की स्थिति में नहीं

खिलाड़ियों ने कहा कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) अब अपनी जिम्मेदारियां निभाने की स्थिति में नहीं है और उन्होंने देश में खेल के भविष्य की रक्षा के लिए फीफा से आगे आने की अपील की. अन्य खिलाड़ियों ने कहा, ‘‘लेकिन सबसे अहम बात यह है कि हम यहां एक गुहार लगाने आए हैं. भारतीय फुटबॉल का प्रशासन अब अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं है. हम अब स्थायी ठहराव की ओर हैं. जो कुछ बचाया जा सकता है, उसे बचाने की यह आख़िरी कोशिश है. इसलिए हम फीफा से अनुरोध कर रहे हैं कि वह आगे आए और भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए जो जरूरी हो, वह करे. ’’

खिलाड़ियों ने जोर देकर कहा कि उनकी यह अपील मजबूरी में की गई है और यह राजनीतिक नहीं है. बयान में आगे कहा गया, ‘‘हमें उम्मीद है कि यह संदेश ज्यूरिख में बैठे ताकतवर लोगों तक पहुंचेगा. यह अपील न तो राजनीतिक है और न ही टकराव के लिए है, बल्कि जरूरत से प्रेरित है. यह शब्द बड़े लग सकते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि हम मानवीय, खेल और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और हमें जल्द से जल्द मदद की जरूरत है. हम बस फुटबॉल खेलना चाहते हैं, कृपया इसमें हमारी मदद करें. ’’

जुलाई में रोक दिया गया था आईएसएल

छेत्री ने निष्कर्ष में कहा, ‘‘खिलाड़ी, स्टाफ, मालिक और प्रशंसक सभी स्पष्टता, सुरक्षा और सबसे बढ़कर एक भविष्य के हकदार हैं.’’ आईएसएल के 2025-26 सत्र को जुलाई में इसलिए रोक दिया गया था क्योंकि लीग के पूर्व आयोजक फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) और एआईएफएफ के बीच ‘मास्टर राइट्स एग्रीमेंट’ (एमआरए) के नवीनीकरण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी.

यह समझौता आठ दिसंबर को समाप्त हो गया जिससे एक संविदात्मक गतिरोध पैदा हो गया और इसमें उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप की भी जरूरत पड़ी. उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति की निगरानी में आईएसएल के व्यावसायिक अधिकारों के लिए निविदा जारी की गई, लेकिन कोई बोलीदाता सामने नहीं आया. आईएसएल के 14 में से 13 क्लबों ने बृहस्पतिवार को एआईएफएफ को कहा कि अगर उनसे भागीदारी शुल्क नहीं लिया जाए और राष्ट्रीय संस्था टूर्नामेंट के आयोजन व संचालन की वित्तीय जिम्मेदारी ले तो वे विलंबित सत्र में भाग लेने के लिए तैयार हो सकते हैं.

Related News
Home
Facebook
Telegram
X